
राज्य कर स्लीपर सेल के लिए आसान नही है तबालो की डगर
बीच सत्र मे तबादले करवाने के लिए मुख्यमंत्री से लेना होगा अनुमोदन
लखनऊ। उतर प्रदेश राज्य कर विभाग मे एक ऐसा स्लीपर सेल सक्रिय है, जो शासन व स्थापना अनुभाग से तेज सत्र व साल की गणना करता है। इसकी खुफिया प्रतिभा के आगे इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के ऐजेंट भी प्राथमिक विधालय के बच्चे नजर आते है। विभाग की सचल दल व एसआईबी के अधिकारियों का साल पूरा होते ही ये अंडर कवर एजेंट शैक्षिक सत्र के बीच मे ही तबादले करवाने के लिए सक्रिय हो गए है। हालांकि इस बार निजाम.बदल गया है और ऐसा हो पाना कठिन डगर है। विभागीय संगठन लगातार तबादला सत्र मे ही तबादले करने की मांग करते रहे है, कयोकि तबादला सत्र समाप्त हो जाने के बाद मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही तबादले किए जा.सकते है। बीच सत्र मे तबादलो के लिए विभाग के प्रमुख सचिव को तबादलो की आवश्यकता पर तर्क पूर्ण जबाव देना होता है। वर्तमान समय मे कई वित्त वर्षों के करो का निधार्रण हो रहा है। कई जिलो मे अधिकारी एसआईआर के काम मे लगे है। इस बीच मे सचल.दल के अधिकारियों के तबादले हो जाने से राजस्व मे वृद्धि भले न हो लेकिन अव्यवस्था जरूर फैल जाएगी। प्रमुख सचिव इस बात को अच्छी तरह जानती है, ऐसे मे शायद ही वो तबादलो को लेकर बीच सत्र मे कोई प्रयास करेगी। ऐसा विभागीय सूत्रो का मनना है।





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