
केंद्रीय बजट 2026-27 MSMEs और मैन्युफैक्चरिंग के लिए विकासोन्मुखी, नॉन-पॉपुलिस्ट बजट: इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
लखनऊ। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे MSMEs, मैन्युफैक्चरिंग, रोज़गार सृजन और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप एक विकासोन्मुखी और भविष्यदर्शी बजट बताया है।
इस अवसर पर IIA द्वारा आज आईआईए भवन, लखनऊ में बजट देखने और चर्चा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में IIA के पदाधिकारी, उद्योगपति और विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान बजट में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, MSME इकोसिस्टम को सशक्त करने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष ज़ोर को सराहा गया।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सात प्रमुख क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को गति देने के लिए अहम पहलों की घोषणा की गई है। इनमें भारत को वैश्विक फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम, अगले पांच वर्षों में बायोफार्मा सेक्टर के लिए ₹100 बिलियन का आवंटन, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹400 बिलियन, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का विकास, कार्बन उत्सर्जन में कमी हेतु ₹200 बिलियन और MSMEs के लिए ₹100 बिलियन का ग्रोथ फंड शामिल है।
IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश गोयल ने कहा कि बजट की घोषणाएँ भारतीय अर्थव्यवस्था और MSMEs के समग्र विकास के प्रति सरकार की मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने इसे “नॉन-पॉपुलिस्ट लेकिन ग्रोथ-ओरिएंटेड बजट” बताते हुए कहा कि बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और SME ग्रोथ फंड जैसे कदम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मज़बूती देंगे और MSME सेक्टर को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाएंगे।
हालांकि उन्होंने MSMEs के लिए एक स्पष्ट Exit Policy की कमी को रेखांकित किया, जिसकी मांग IIA ने प्री-बजट सुझावों में की थी।
IIA के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री अवधेश अग्रवाल ने हाई-प्रिसिजन कंपोनेंट्स के लिए हाई-टेक टूल रूम, चैंपियन MSMEs और रेयर अर्थ मैग्नेट पर फोकस को घरेलू एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जलमार्गों और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी घोषणाओं की भी सराहना की।
वहीं, IIA के पूर्व अध्यक्ष श्री वी.के. अग्रवाल ने कहा कि बजट में MSMEs की मौजूदा चुनौतियों के समाधान के लिए और अधिक त्वरित एवं अल्पकालिक उपायों की आवश्यकता थी।
IIA की बैंकिंग समिति के चेयरमैन श्री के.के. अग्रवाल ने GeM को TReDS से जोड़ने की घोषणा को एक बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि इससे MSMEs की लिक्विडिटी समस्याओं में कमी आएगी और पेमेंट साइकिल तेज होगी।
GST समिति के चेयरमैन श्री कपिल वैश्य ने कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी में कटौती को EU के साथ FTA के अनुरूप बताते हुए इसे घरेलू वैल्यू एडिशन और स्वदेशीकरण के लिए सकारात्मक कदम कहा।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीतियां, फाइनेंस और टैक्सेशन समिति के चेयरमैन श्री शशांक शेखर गुप्ता ने कहा कि बजट में इंडस्ट्रियल ग्रोथ और चैंपियन MSMEs को बढ़ावा देने का स्पष्ट विज़न दिखाई देता है।
महिला उद्यमिता पर फोकस का स्वागत करते हुए सीए रीना भार्गव ने SHE मार्ट और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के ज़रिए महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त करने की पहल को सराहनीय बताया। वहीं सीए अशोक सेठ ने TDS और TCS में कमी को व्यवसायों के लिए लिक्विडिटी बढ़ाने वाला कदम बताया।
बजट चर्चा सत्र में IIA के राष्ट्रीय सचिव श्री प्रमित कुमार सिंह, डिविज़नल चेयरमैन अयोध्या कैप्टन राजेश कुमार तिवारी, लखनऊ चैप्टर चेयरमैन श्री विकास खन्ना सहित कई अन्य पदाधिकारी और उद्योगपति उपस्थित रहे।





Leave A Comment
Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).