
दर्शकों को गुदगुदाने के साथ सीख भी दे गया ‘द प्रपोजल’
गुस्सा और बहस किसी भी रिश्ते को बर्बाद कर सकते हैं
लखनऊ। नाट्य संस्था आकांक्षा थियेटर आर्ट्स लखनऊ द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के रिपेट्री ग्रांट वर्ष 2025-26 की द्वितीय प्रस्तुति के रूप में सुप्रसिद्ध रूसी नाटककार एंटोन चेखव की नाट्य रचना द प्रपोजल का नाट्य मंचन निर्देशक तुषार बाजपेयी के कुशल निर्देशन में मंचित किया गया। नााट्यकृति को स्थानीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में किया गया। मंचन से पूर्व मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति कर्नल संजय श्रीवास्तव, द्वारा दीप प्रज्जवलित कर नाटक से संबंधित समस्त कलाकारों को आशीर्वाद प्रदान किया गया इसके पश्चात् संस्था के बी०एन०ओझा० अध्यक्ष तथा आलोक कुमार पाण्डे संरक्षक एवं अचला बोस सचिव द्वारा मुख्य अतिथि को अंग वस्त्र तथा स्मृति चिन्ह एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
नाटक के कथानक के अनुसार सुप्रसिद्ध रूसी नाटककार एंटोन चेखव अपने नाटक द प्रपोजल में यह बताता है कि कैसे गुस्सा और बहस किसी रिश्ते को आसानी से वर्बाद कर सकता है, इसलिये अच्छे रिश्ते को बनाये रखने के लिये अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी है। मूर्खता पूर्ण या छोटी-छोटी बातों पर वहस करना बेहद हानिकारक और समय की बबार्दी है। यदि कोई गलती करता है, तो क्रोधित होने और उस व्यक्ति के साथ अन्तहीन वहस करने के बजाय उसे माफ करने और भूलने के लिये तैयार रहना चाहिए। आज के समय में हर कोई दूसरों में केवल सकारात्मकताएं ढूंढने की कोशिश करता है और अपनी नकारात्मकताओं को आसानी से स्वीकार नहीं करता है। इस लिये दूसरों के साथ अच्छे और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाये रखना मुश्किल होता जा रहा है। द प्रपोजल एक ऐसा नाटक है जो सामान्य सी लगने वाली स्थिति एक विवाह प्रस्ताव को लेता है और इसे एंटोन चेखव ने वेतुके पन और अन्तरदृष्टि के हस्ताक्षर मिश्रण से भर देता है। 20वीं सदी के अन्त में ग्रामीण रूस में स्थापित, यह नाटक एक एकल, गहन अभिनय में सामने आता है, जो एक छोटी सी सम्पत्ति की सीमा के भीतर इसके पात्रों की विचित्रताओं और कमजोरियों का एक स्नैपशॉर्ट पेश करता है। नाटक में मुख्य पात्र इवान लोमाव की भूमिका में नाट्य निर्देशक तुषार वाजपेयी तथा नतालिया की भूमिका में तृप्ति सिंह तथा स्टीफन चुबुकोव की भूमिका में अभिषेक सिंह ने अपने सस्क्त अभिनय से दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया |





Leave A Comment
Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).