महापौर के तीन वर्ष कार्यकाल पूरे होने पर जारी बुकलेट पर पार्षद मुकेश सिंह का करारा हमला
जी.आई.एस. के नाम पर लखनऊ की जनता के जेब पर डाका: मुकेश सिंह
अजय सिंह
लखनऊ | कांग्रेस पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने महापौर, लखनऊ के 3 वर्ष के कार्यकाल पूरे होने पर जारी बुकलेट के संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि विगत तीन वर्षो में लखनऊ के 110 वार्डो में प्रतिदिन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नही हो पा रहा है, जबकि बुकलेट जारी करके 100 प्रतिशत कलेक्शन का झूठी उपलब्धि अंकित की गयी है, इसी प्रकार सेग्रीगेशन/पृथक्करण (गीला व सूखा) 97 प्रतिशत अलग-अलग करने का दावा झूठा है। बुकलेट में जीआईएस सर्वे को उपलब्धि बताई गई है जबकि जी.आई.एस. के नाम पर लखनऊ की जनता के जेब पर डाका डालने का कार्य एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम किया गया, भा.ज.पा. ने गृहकर की दरों में वृद्धि के बिना बड़ी चलाकी से जी.आई.एस. सर्वे के नाम पर जनता के घरों पर टैक्स की बेतहाशा बढ़ोत्तरी कर दी।
आज इन्दिरा गाॅधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के मंच से भा.ज.पा. नेताओ द्वारा लखनऊ की जनता को झूठे सपने दिखाने का काम किया गया जो पूर्णतया छलावा है:-
1. 110 वार्डो में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन प्रत्येक दिन नही हो पा रहा है लगभग 3 दिन में एक बार घरों से कूड़ा का उठान हो रहा है। सेग्रीगेशन/पृथक्करण (गीला व सूखा) 97 प्रतिशत अलग-अलग करने का दावा भी झूठा है, मुश्किल से 10 प्रतिशत कूड़ा भी अलग नहीं किया जा रहा है।
2. जी.आई.एस. सर्वे से लखनऊ की जनता की जेब पर डाका डालने का कार्य भा.ज.पा. की स्थानीय सरकार द्वारा किया गया है। जी.आई.एस. सर्वे ने लखनऊ की जनता के घरों के गलत ढंग से गृहकर को बढ़ाकर उन्हे नगर निगम लखनऊ में दर-दर भटकने पर मजबूर कर दिया, जिसके कारण भ्रष्टाचार भी खूब फला-फूला। नगर निगम का समाधान दिवस आयोजित किया जाता है उसमें सबसे ज्यादा गृहकर की गड़बड़ी की शिकायतें आती है।
3. तीन वर्षो में पोर्टेबल काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन पूरे शहर में अभी तक नहीं लग पाये है जिससे जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लगे रहते है। आज भी लखनऊ खुले स्थानो में कूड़ा फेंका जा रहा है।
4. पिंक टाॅयलेट तो शहर में जगह-जगह बने है लेकिन वह हाथी के दांत की तरह केवल देखने के लिए रह गये है और उनमें ताले पड़े हुए है।
5. स्मार्ट सिटी योजना बुरी तरह से फेल हुई जिसे केन्द्र सरकार को बंद करना पड़ा। पुराने लखनऊ के जो वार्ड स्मार्ट सिटी में सम्मिलित किए गए थे उनकी स्थिति पहले से बदतर हो गयी।
6. वर्ष 2017 में पूर्ववर्ती सरकार में सोडियम लाईटों के स्थान पर एल.ई.डी. लाईटें लगाये जाने का निर्णय हुआ था लेकिन बुकलेट में इसका श्रेय लिया जाना पूरे तरह से झूठ है।
7. नगर निगम लखनऊ के भवन स्वामियों को पूर्व वर्षो में 31 जुलाई तक गृहकर में 10 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाता था जिसे समाप्त करके छूट केवल अपै्रल माह तक दी जा रही है। यह जनता के साथ छलावा है।
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री फिजूलखर्च पर रोक लगाने के लिए मंचो से बड़ी-बड़ी बाते तो करते है लेकिन उनके पार्टी के नेता इवेंट में जनता के कर का करोड़ो रुपया बर्बाद करते है। उन रुपयो से जनता के हित में कार्य किए जाते तो ज्यादा अच्छा होता।
कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि लखनऊ की जनता को जी.आई.एस. के नाम पर जो उत्पीड़न किया गया है, उसके लिए भा.ज.पा. एवं उनके नेताओं को लखनऊ की जनता से माफी मांगनी चाहिए। लखनऊ की जनता ने महापौर को बड़ी उम्मीदो से चुना था, किन्तु जनहित में उक्त कार्य कराये जाने में महापौर पूरी तरह से विफल रहीं है।





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