
शासन के योगी' से मिला 'कॉमेडी का सुल्तान'
मंसूर अली
लखनऊ। राजनीति और मंच के बीच का फासला आज उस वक्त सिमट गया जब दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचाकर हंसाने वाले कपिल शर्मा, उत्तर प्रदेश की सत्ता के केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मुखातिब हुए। इस तस्वीर का फलसफा बड़ा गहरा है—एक तरफ वो शख्स है जो 'बाबा जी का ठुल्लू' जैसे जुमलों से करोड़ों चेहरों पर मुस्कान बिखेरता है, और दूसरी तरफ वो 'असली बाबा जी' हैं जिनके एक इशारे पर अच्छे-अच्छों का 'खेल' खत्म हो जाता है। तस्वीर में कपिल शर्मा का चेहरा गौर से देखिए; पहली बार दुनिया का सबसे बड़ा हाजिरजवाब कॉमेडियन बिना किसी स्क्रिप्ट के खामोश खड़ा है। शायद वो ये सोच रहे होंगे कि उनके शो में तो 'सिद्धू पाजी' या 'अर्चना जी' के ठहाके काम आ जाते हैं, लेकिन यहाँ की फिज़ा में तो 'अनुशासन' और 'न्याय' की गूँज है। एक के मंच पर जोक गलत हो जाए तो सिर्फ तालियां कम होती हैं, लेकिन दूसरे के दरबार में अगर नीति गलत हो जाए तो इतिहास जवाब माँगता है। विड़ंबना देखिए, जो दुनिया को हँसाता है वो आज बेहद गंभीर और नतमस्तक दिख रहा है, और जो पूरे प्रदेश का बोझ अपने कंधों पर उठाए है, उसके चेहरे पर सुकून की मुस्कान है। कपिल के शो में 'कप्पू' और 'चन्दू' जैसे किरदार पिटते हैं, लेकिन बाबा के राज में तो सीधे 'सिस्टम' की क्लास लगती है। यह मुलाक़ात महज़ एक फोटो नहीं, बल्कि एक गहरा सियासी संदेश है—कि जब 'रील लाइफ' का जादूगर 'रियल लाइफ' के किंग से मिलता है, तो कॉमेडी भी किसी दार्शनिक मौन में तब्दील हो जाती है। अंत में बस इतना ही कहा जा सकता है कि कपिल पाजी यहाँ मज़ाक संभलकर ही कीजिएगा, क्योंकि यहाँ 'रीटेक' का मौका नहीं मिलता, सीधा 'अंतिम फैसला' होता है!





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