
FSSAI का बड़ा फैसला: फूड लाइसेंस होगा स्थायी, व्यापारियों ने किया स्वागत
लखनऊ। खाद्य कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) द्वारा फूड लाइसेंस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के नॉर्थ जोन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। संजय गुप्ता ने बताया कि अब फूड कारोबारियों को फूड रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस का बार-बार नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले यह लाइसेंस एक से पांच वर्ष की अवधि के लिए जारी होता था और समय-समय पर इसका नवीनीकरण कराना पड़ता था। कई बार व्यापारी के ध्यान से नवीनीकरण छूट जाने पर लाइसेंस निरस्त हो जाता था और फिर नई प्रक्रिया से लाइसेंस बनवाना पड़ता था, जो काफी जटिल होता था। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को जारी गजट के अनुसार अब लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन लेने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराना होगा, जिससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। संजय गुप्ता के अनुसार सरकार ने रजिस्ट्रेशन की सीमा भी बढ़ा दी है। पहले 12 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक के व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर अब 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं पहले 5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को राज्य से और इससे अधिक टर्नओवर वालों को केंद्र से लाइसेंस लेना पड़ता था। अब यह सीमा बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। यानी 50 करोड़ रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को राज्य से और इससे अधिक टर्नओवर वालों को केंद्र से लाइसेंस लेना होगा। नए प्रावधानों में स्ट्रीट फूड वेंडर्स को भी बड़ी राहत दी गई है। नगर निगम अथवा स्ट्रीट फूड वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत पंजीकृत स्ट्रीट फूड वेंडर्स को अब FSSAI के अंतर्गत डीम्ड रजिस्टर्ड माना जाएगा। इससे उन्हें दो अलग-अलग जगह पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी और उत्पीड़न से भी मुक्ति मिलेगी। संजय गुप्ता ने बताया कि ये सभी प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। जिन व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस की वैधता 31 मार्च 2026 तक है, उन्हें फिलहाल उसका नवीनीकरण कराना होगा। उन्होंने इस निर्णय के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों को बार-बार फूड रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण की झंझट से बड़ी राहत मिलेगी।





Leave A Comment
Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).