
ग्राम चौपालो (गांव की समस्या गांव मे समाधान) के माध्यम से किया जा रहा है ग्रामीणों की समस्याओ का समाधान
* डबल इन्जन सरकार- जनता के द्वार
* ग्राम चौपालों में 05 लाख 49हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का किया गया निस्तारण
* अब तक 01 लाख 58 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का किया गया आयोजन
* 1261 ग्राम पंचायतों में किया गया, ग्राम चौपालों का आयोजन
दया शंकर चौधरी।
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीणो की समस्यायों के निराकरण हेतु प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल, (गांव की समस्या -गांव में समाधान) का आयोजन किया जा रहा है, और बहुत बड़ी संख्या में लोगों की समस्यायों का निराकरण उनके गांव में ही हो रहा है।डबल इन्जन सरकार खुद चलकर गांव व गरीबों के पास जा रही है, ग्राम चौपालों से जहां गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है, वहीं सोशल सेक्टर की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ रही है।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के अनुपालन में ठोस व प्रभावी रूपरेखा बनाकर चौपालों का आयोजन किया जा रहा है तथा चौपालों से पूर्व गांवों में सफाई पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है और चौपालों के बारे में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है व्यक्तिगत समस्याओं के अलावा सार्वजनिक समस्याओं का भी समाधान चौपालों में हो रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों का आयोजन विधिवत किया जाता रहे। ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश की 1261 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिनमें 2943 प्रकरणो का निस्तारण गांव पंचायतों में ही कर दिया गया।इन ग्राम चौपालों मे 3201ब्लाक स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी तथा 5495ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे और इन चौपालों में 60 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की। आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग,श्री जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि लगभग 2.5 साल से ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। 01 लाख 58 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है और 05लाख 49 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
Leave A Comment
Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).