
रिटायरमेंट प्लानिंग विकल्प नहीं, वित्तीय आवश्यकता: प्रणय द्विवेदी
- एसबीआई पेंशन फंड्स ने रिटायरमेंट तैयारी पर दिया जोर, उत्तर प्रदेश में एनपीएस विस्तार तेज
लखनऊ। एसबीआई पेंशन फंड्स के एमडी और सीईओ प्रणय द्विवेदी ने कहा कि रिटायरमेंट प्लानिंग अब विकल्प नहीं, बल्कि वित्तीय आवश्यकता बन चुकी है। कम लागत, लचीलापन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के कारण एनपीएस लाखों भारतीयों के लिए डिफॉल्ट रिटायरमेंट समाधान बनने की क्षमता रखते है, खासकर तब जब उभरते शहरों में इसकी जागरूकता बढ़ रही है।
द्धिवेदी ने बुधवार को होटल रॉयल कैफे में आयोजित प्रेसवार्ता में मीडिया को बताया कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा, स्वास्थ्य खर्चों में वृद्धि और पारिवारिक संरचनाओं में बदलाव के कारण रिटायरमेंट योजना बेहद जरूरी हो गई है। हालांकि, भारत के गैर-सरकारी कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा अब भी संगठित पेंशन व्यवस्था से वंचित है।
उन्होंने कहा कि एनपीएस एक कम लागत, पारदर्शी, कर-अनुकूल और लचीला रिटायरमेंट बचत प्लेटफॉर्म के रूप में लगातार मजबूत हो रहा है, जिसे पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा किए गए हालिया सुधारों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने रिटायरमेंट योजना की बढ़ती आवश्यकता और एनपीएस इकोसिस्टम में हालिया विकासों पर प्रकाश डाला।
बताया कि उत्तर प्रदेश, जहां कार्यबल तेजी से बढ़ रहा है और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की बड़ी संख्या मौजूद है, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन कवरेज को बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और आर्थिक केंद्र के रूप में एसबीआई पेंशन फंड्स वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक पेंशन लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे व्यापक स्तर पर रिटायरमेंट सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
एसबीआई पेंशन फंड्स खुदरा और कॉरपोरेट दोनों वर्गों में एनपीएस अपनाने को बढ़ाने पर लगातार ध्यान दे रहा है। इसके लिए कंपनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के व्यापक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है, डिजिटल क्षमताओं को मजबूत कर रही है और वित्तीय साक्षरता व भविष्य की तैयारी को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने बताया कि कंपनी एक अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश रणनीति का पालन करती है, जिसमें विविधीकृत इक्विटी निवेश, स्थिर फिक्स्ड इनकम रणनीतियां और नए एसेट क्लासेस का चयनात्मक समावेश कर विकास और पूंजी संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जाता है।





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