
जन भवन में 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी देखने उमड़ा जनसैलाब
लखनऊ। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में जन भवन प्रांगण, लखनऊ में आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में आमजन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित जैविक उत्पादों, प्राकृतिक पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियों एवं उद्यानिकी नवाचारों ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम्’, ऑपरेशन सिंदूर, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत, भारत के संविधान की प्रतिकृति, नंदी-शिवलिंग, स्वामी विवेकानंद, राष्ट्रीय ध्वज, बिरसा मुंडा, अहिल्याबाई होल्कर, गुरुकुल पाठशाला, रूफ टॉप गार्डनिंग, समुद्री जीवों की झांकी, तितली, गरुड़, विवाह मंडप, सारस पक्षी जोड़ा सहित अनेक विषयों पर आधारित पुष्प सज्जाएँ प्रदर्शित की गई हैं, जो प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। प्रदर्शनी के अंतर्गत आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर में बड़ी संख्या में आगंतुकों ने स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा का लाभ उठाया। बच्चों, महिलाओं एवं मालियों द्वारा की गई रचनात्मक सज्जाएँ दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं। स्कूली बच्चों ने प्रदर्शनी के माध्यम से पौधारोपण, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जानकारियाँ प्राप्त कीं। कृषकों एवं आगंतुकों को विभागीय विशेषज्ञों एवं कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों द्वारा पॉलीहाउस खेती, हाइड्रोपोनिक्स, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, छत एवं गमलों में खेती तथा हाईटेक नर्सरी से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है। साथ ही बागवानी से संबंधित साहित्य का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है। प्रदर्शनी में विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजियाँ, मौसमी पुष्पों, बोनसाई पौधों तथा निर्यात योग्य फूलों की प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गई हैं। छोटे लॉन में लगे स्टॉलों में कृषि नवाचार, एआई एवं रोबोटिक मॉडल, औषधीय पौधों तथा भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा प्रदर्शित ड्रोन, रोबोटिक्स, रक्षा उपकरणों एवं ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृतियों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शनी 09 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन जनसामान्य के अवलोकन हेतु खुली रहेगी और उद्यानिकी, कृषि, नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दे रही है।





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