
राज्य कर के इन सहायक आयुक्तों की भी समस्या भी सुने सरकार
डीपीसी करवाएं प्रमुख सचिव मैडम अधिकारियों का अनुरोध
लखनऊ। सरकारी सेवा मे निर्धारित समय मे पदोन्नति मिलना महत्वपूर्ण होता, लेकिन जब समय पर पदोन्नति न मिले तो सरकारी सेवकों मे निराशा का भाव आना लाजमी है। विभाग मे प्रमुख सचिव के पद पर कामिनी रतन चौहान की नियुक्ति होने के बाद इन अधिकारियों मे जागी आशा की किरण समय के साथ निराशा मे बदल रही है, कयोकि इनकी पदोन्नति के लिए डीपीसी कमेटी की बैठक होना तो दूर तारीख तक तय नही हुई है।हम बात कर रहे है विभाग मे वर्ष 2005 मे बतौर वाणिज्य कर अधिकारी भर्ती हुए उन करीब 60 अधिकारियों की जिनको दस साल से पदोन्नति का इंतजार है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एंव कार्मिक एम देव राज ने सभी विभागों के लिए पत्र जारी किया था कि पदोन्नति के लिए डीपीसी करवा ली जाए , लेकिन सितम्बर से फरवरी आ गया लेकिन डीपीसी नही हुई । इन अधिकारियों की.डीपीसी न होने से उन राज्य कर अधिकारी की जो अपनी सेवाएं पूरी कर चुके हैँ उनकी भी पदोन्नति रुक गयी है,हालांकि राज्य कर अधिकारियों की पदोन्नति के मामले मे कमिशनर राज्य कर डा नितिन बंसल का कहना है कि प्रस्ताव लोक सेवा आयोग भेज दिया गया है। वही सहायक आयुक्तों की पदोन्नति न होने से उपायुक्तों के महात्वपूर्ण पर रिक्त पडे है। जिससे राजस्व संग्राह का कार्य प्रभावित हो रहा है। यही नही अगर विभाग की तबादला नीति आने से पहले इन अधिकारियों की पदोन्नति नही हुई तो सरकार पर वितीय भार भी पडेगा कयोकि. की दूसरे जिले मे नियुक्ति होने पर यात्रा भत्ता तो देना ही पडेगा।





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