
19 करोड़ की लागत से बनी नौसेना शौर्य वाटिका राष्ट्रभक्ति की नई पहचान बनेगी: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका का किया लोकार्पण
लखनऊ, 30 मई 2026। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में 19 करोड़ रुपये की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का लोकार्पण किया। यह वाटिका जल सीमाओं के सजग प्रहरियों की वीरता, अदम्य साहस और आधुनिक तकनीकी दक्षता को समर्पित है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन सम्मान और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह शौर्य वाटिका न केवल लखनऊ के लिए प्रेरणा स्थल बनेगी, बल्कि पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी पहचान बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विकास के मार्ग पर अग्रसर है और लखनऊ अब तहजीब एवं संस्कृति के शहर के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का भी प्रतीक बन रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे निवेश और विकास को नई गति मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की सुदृढ़ कानून व्यवस्था स्वयं में एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि जब नौसेना शौर्य वाटिका का प्रस्ताव आया था, तब मुख्यमंत्री ने अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और प्राइम लोकेशन पर भूमि उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपनी सेनाओं का सम्मान करता है, वही दुनिया में सम्मान प्राप्त करता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यद्यपि भारतीय नौसेना का संबंध समुद्री क्षेत्रों से माना जाता है, लेकिन इसकी शक्ति और योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि हिन्द महासागर भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा का आधार है और इसकी रक्षा करने वाले जवान पूरे देश से आते हैं। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के नाम पर भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस गोमती वर्ष 1988 में नौसेना में शामिल किया गया था। इस पोत के क्रेस्ट पर लखनऊ की छतर मंजिल अंकित थी, जो लखनऊ और नौसेना के ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है। इसी अटूट संबंध के उत्सव के रूप में नौसेना शौर्य वाटिका की स्थापना की गई है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि शौर्य वाटिका में प्रदर्शित सभी युद्ध सामग्री वास्तविक है, जो कभी आईएनएस गोमती का हिस्सा रही है। यहां विशालकाय मिसाइल, टारपीडो ट्यूब, रडार, मुख्य तोप, सर्विलांस एयरक्राफ्ट, मल्टीरोल हेलीकॉप्टर और अन्य नौसैनिक उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि एक जीवंत प्रेरणा केंद्र है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश की सुरक्षा और स्वतंत्रता की कीमत का एहसास कराएगा। उन्होंने कहा कि सैनिकों के योगदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर पाते हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा है कि सेवानिवृत्त सैन्य उपकरणों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रदर्शित किया जाए ताकि युवाओं में राष्ट्र निर्माण और देशभक्ति का भाव विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां यह संदेश देती हैं कि विश्व की शांति और समृद्धि समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर निर्भर है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान तीनों सेनाओं का पराक्रम देखने को मिला और भारतीय नौसेना पूरी ताकत के साथ अरब सागर में तैनात रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2014 में 46 हजार करोड़ रुपये का घरेलू रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि रक्षा निर्यात लगभग 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ आने वाले लोगों के लिए नौसेना शौर्य वाटिका एक नया आकर्षण केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त हुए आईएनएस गोमती को गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया है, जो युवाओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ अर्थात ‘आकाश की ऊंचाइयों को छूने’ की विराट सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों में सेना और वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान का भाव रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब सैनिक माइनस डिग्री तापमान, झुलसा देने वाली गर्मी और समुद्र की लहरों का सामना करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा करता है, तब 140 करोड़ भारतीय चैन की नींद सो पाते हैं। बेहतर सुरक्षा वातावरण में ही विकास की योजनाएं सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखें। इसी भावना को साकार करने के लिए नौसेना की शौर्य वाटिका और संग्रहालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत राष्ट्र के साथ दुनिया भी मैत्री करना चाहती है। उन्होंने ‘अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च’ का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए आवश्यक होने पर शक्ति का प्रयोग भी धर्म है और भारतीय सेना इसी संकल्प के साथ देश की रक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के बाद अब नौसेना शौर्य वाटिका एक और महत्वपूर्ण प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि महत्वपूर्ण चौराहों पर सेना के सेवानिवृत्त टैंकों को भी स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित हो।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, वाइस एडमिरल सी.आर. प्रवीण नायर, लेफ्टिनेंट जनरल सी.जे. जयचन्द्रन, मेजर जनरल मनीष कुकरेती, सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, सांसद बृज लाल, विधान परिषद सदस्य इं. अवनीश कुमार सिंह, मुकेश शर्मा, उमेश द्विवेदी, राम चन्द्र प्रधान, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक जयदेवी, योगेश शुक्ला, डॉ. राजेश्वर सिंह, ओ.पी. श्रीवास्तव, अमरेश कुमार तथा लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





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