
वन हैं तो जीवन है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन, 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अरण्य समागम के अंतर्गत ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ विषयक राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन करते हुए कहा कि वन जीवन का आधार हैं और प्रकृति के संतुलन के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि “यदि वन हैं तो जल है, जल है तो वायु है और वायु है तो जीवन संभव है।” इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आमजन, सामाजिक संगठनों तथा वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया और किसानों को कार्बन क्रेडिट से जुड़े चेक भी वितरित किए। इस अवसर पर विभिन्न कॉफी टेबल बुक्स का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में वनाच्छादन बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। इस दौरान 242 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण किया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि प्रदेश में वनाच्छादन को 16-17 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल एक रामसर साइट थी, जिसकी संख्या अब बढ़कर 11 हो गई है और इसे 100 तक पहुंचाने की दिशा में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय किया जा रहा है। इसके बावजूद वन क्षेत्र में वृद्धि संतोषजनक है। गंगा, यमुना और सरयू नदियों के किनारे वृक्षारोपण और एक्सप्रेस-वे किनारे हरित पट्टी विकसित की जा रही है। वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 2,467 ग्रीन इकोनॉमी मॉडल उद्योग स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही दुधवा नेशनल पार्क में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में शामिल कर प्रभावितों को सहायता देना शुरू किया है। गोरखपुर में रेड हेडेड गिद्ध संरक्षण के लिए जटायु संरक्षण केंद्र की स्थापना भी की गई है। ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 4 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में सहभागिता का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना व के पी मलिक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, बी प्रभाकर, अनुराधा वेमुरी, रेनू सिंह, पी पी सिंह, मनीष मित्तल, सुशांत शर्मा, अदिति शर्मा, डीएफओ सितांशु पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





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