
राज्य कर के सहायक आयुक्तों की पदोन्नति के मामले मे नियुक्ति विभाग का आदेश भी दरकिनार
रवींद्र प्रकाश
लखनऊ। उतर प्रदेश राज्य कर विभाग मे नौकरशाही ऐसी हावी है कि सरकार व न्यायालय के आदेशो को भी दरकिनार किया जा रहा है। वर्तमान समय मे 55 सहायक आयुक्त जिनकी 15 सितंबर तक पदोन्नति हो जानी थी उसकी आन लाइन फाइल आज तक जीएसटी मुख्यालय से शासन नही भेजी गयी है। यह फाइल किस अधिकारी के पास होल्ड पडी है, इस पर प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक को ध्यान देना होगा कयोंकि इतनी बडी संख्या मे अधिकारियों की पदोन्नति रुक जाने से राज्य सरकार की धवि तब खराब हो रही है जबकि यूपी मे वर्ष 2027 मे चुनाव हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक ने सभी सरकारी विभागों को दोबार पत्र लिखा था कि 15 सितंबर तक सभी पदो के लिए डीपीसी करवा ली जाए, लेकिन राज्य कर विभाग मे सहायक आयुक्तों व राज्य कर अधिकारियों के मामले मे ऐसा नही हो सका, लिहाज अब संघ व अधिकारी बारी बारी से जीएसटी कमिशनर व प्रमुख सचिव कार्यालय के चक्कर का रहे है। विभागीय सूत्रो के अनुसार अगर सहायक आयुक्तों की फाइल मे कोई कमी है तो फाइल को होल्ड पर कयो रखा गया है ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब न तो विक्रम के पास है और न बेताल के पास है।
सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार 55 सहायक आयुक्तों की पदोन्नति की फाइल एक माह से मुख्यालय के स्थापना तैयार हो गयी है, लेकिन उसे शासन नही भेजा जा रहा है, कयोंकि मुख्यालय मे ही कुछ लोग पदोन्नति मे रोडा बने हुए है और इस.फाइल को दबा लिया गया है। जिससे वर्ष 2014 2015 के राज्य कर अधिकारियों की भी पदोन्नति रुक गयी है। अब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो की फाइल दबाने की आदत रखने वालो से सख्त नाराजगी रखते हैं उनको ही इस बात का संज्ञान लेते हुए पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण सिद्धांत का प्रयोग करने वाले ऐसे लोगों को अंतरिक्ष के उनके सही कक्षा में पहुंचना होगा ऐसी उम्मीद पदोन्नति की इंतजार कर रहे सहायक आयुक्त व राज्य कर अधिकारी कर रहे हैं क्योंकि इन अधिकारियों के पदोन्नत जुलाई माह में ही उपायुक्त के पदों पर पदोन्नति मिल जानी थी विभागीय संगठनों के काफी प्रयासों के बाद इन अधिकारियों की पदोन्नति फाइल एक महत्वपूर्ण भी तैयार हो चुकी थी लेकिन वह अभी तक शासन नहीं भेजी गई है जिसके कारण इन अधिकारियों के साथ ही लगभग 50 राज्य कर अधिकारियों कोई भी पदोन्नति रुक गई है जिनको जुलाई माह में ही सहायक आयुक्त बन जाना था यह अधिकारी 2014 2015 बैच के है और अपनी सेवाओं को पूर्ण कर चुके हैं पदोन्नति समय से न मिलने से इन अधिकारियों को क्या नुकसान हुआ कि वर्ष 2024 में कोई लोक सेवा आयोग की परीक्षा से चयनित हुए 196 सहायक आयुक्त इसे पहले तैनाती पा जाएंगे और यह राज्य कर अधिकारी राजकरण अधिकारी रह जाएंगे। हैरत की बात यह है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुने गए अधिकारी संगठनों द्वारा बार-बार मांग उठाई जाने के बाद भी सहायक आयुक्त की पदोन्नति फाइल उत्तर प्रदेश शासन में प्रमुख सचिव राज्य कर कामिनी रतन चौहान के कार्यालय में नहीं भेजी जा रही है। फिलहाल इस गंभीर मामले में विभाग की जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं कि आखिर सहायक कार्यरतों की फाइल को जीएसटी मुख्यालय में किस पटल पर और किन कारणो से लंबित रखा गया है।





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