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दिल्ली में नए वोटर आवेदन 2.56 लाख पार, 30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां, 4 नवंबर को अंतिम सूची, 16 राज्यों में SIR का तीसरा फेज जारी। मलेशियाई PM राहुल गांधी से मिले, साथ नाश्ता किया, नेता प्रतिपक्ष को गुड फ्रेंड बताया, 8 सालों में तीसरी मुलाकात, हर भारत दौरे पर मिलते हैं। पीएम Modi ने आगे कहा कि इसी वजह से भारत ने ब्रिक्स देशों को ऐसे संकटों से निपटने के लिए पहले से तैयार रखने पर खास जोर दिया है। इसके तहत संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने और उनसे निपटने के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ बनाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा आपदाओं से निपटने के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं। दूसरे दिन के शिखर सम्मेलन में ओपन सेशन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर में समिट के आधिकारिक तौर पर समापन की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने समिट में शामिल होने के लिए आए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के सकुशल वापसी की कामना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज मुंबई में एशियाटिक सोसायटी के कार्यक्रम में शिरकत की। इसमें गृह मंत्री ने भारत की महान ज्ञान परंपरा का जिक्र किया और कहा कि जो देश अपनी भाषा, संस्कृति, स्मृति, इतिहास, संस्कार, अभिलेख और पंरपराओं की रक्षा नहीं कर सकता है, वह कितना भी शक्तिशाली हो, उसको समाप्त होने में देर नहीं लगती है। जयपुर एयरपोर्ट पर रविवार सुबह  एअर इंडिया की एक फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। जानकारी के अनुसार विमान भोपाल से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था। उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी की सूचना मिलने के बाद पायलट ने एहतियातन विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला किया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने राहत की सांस ली। फेस्टिवल सीजन से पहले 95 टन खाने-पीने की चीजें जब्त, कीमत ₹4.45 करोड़, महाराष्ट्र FDA ने लिया एक्शन, कहा-सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी। दिवाली और छठ पर घर जाने वाले रेल यात्रियों की परेशानी अभी से बढ़ गई है। त्योहारों में करीब दो महीने बाकी हैं, लेकिन दिल्ली, मुंबई और गुजरात से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाली कई ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। कुछ में वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा। ऐसे में यात्रियों को अब फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का इंतजार है। SBI का दावा लोन और EMI फिर महंगी होगी, RBI 0.50% तक रेपो रेट बढ़ा सकता है, क्रूड ऑयल 100 डॉलर पार होने से महंगाई बढ़ेगी। बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों का आंकड़ा 48 लाख पहुंचा। दिल्ली में नए वोटर आवेदन 2.56 लाख पार, 30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां, 4 नवंबर को अंतिम सूची, 16 राज्यों में SIR का तीसरा फेज जारी। मलेशियाई PM राहुल गांधी से मिले, साथ नाश्ता किया, नेता प्रतिपक्ष को गुड फ्रेंड बताया, 8 सालों में तीसरी मुलाकात, हर भारत दौरे पर मिलते हैं। पीएम Modi ने आगे कहा कि इसी वजह से भारत ने ब्रिक्स देशों को ऐसे संकटों से निपटने के लिए पहले से तैयार रखने पर खास जोर दिया है। इसके तहत संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने और उनसे निपटने के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ बनाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा आपदाओं से निपटने के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं। दूसरे दिन के शिखर सम्मेलन में ओपन सेशन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर में समिट के आधिकारिक तौर पर समापन की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने समिट में शामिल होने के लिए आए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के सकुशल वापसी की कामना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज मुंबई में एशियाटिक सोसायटी के कार्यक्रम में शिरकत की। इसमें गृह मंत्री ने भारत की महान ज्ञान परंपरा का जिक्र किया और कहा कि जो देश अपनी भाषा, संस्कृति, स्मृति, इतिहास, संस्कार, अभिलेख और पंरपराओं की रक्षा नहीं कर सकता है, वह कितना भी शक्तिशाली हो, उसको समाप्त होने में देर नहीं लगती है। जयपुर एयरपोर्ट पर रविवार सुबह  एअर इंडिया की एक फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। जानकारी के अनुसार विमान भोपाल से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था। उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी की सूचना मिलने के बाद पायलट ने एहतियातन विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला किया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने राहत की सांस ली। फेस्टिवल सीजन से पहले 95 टन खाने-पीने की चीजें जब्त, कीमत ₹4.45 करोड़, महाराष्ट्र FDA ने लिया एक्शन, कहा-सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी। दिवाली और छठ पर घर जाने वाले रेल यात्रियों की परेशानी अभी से बढ़ गई है। त्योहारों में करीब दो महीने बाकी हैं, लेकिन दिल्ली, मुंबई और गुजरात से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाली कई ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। कुछ में वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा। ऐसे में यात्रियों को अब फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का इंतजार है। SBI का दावा लोन और EMI फिर महंगी होगी, RBI 0.50% तक रेपो रेट बढ़ा सकता है, क्रूड ऑयल 100 डॉलर पार होने से महंगाई बढ़ेगी। बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों का आंकड़ा 48 लाख पहुंचा।

वंदे मातरम् : शोर का राष्ट्रवाद बनाम तर्कों की कसौटी

Published By News DeskAuthor: Vishnu Nagar·24 Aug 20261685
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वंदे मातरम् : शोर का राष्ट्रवाद बनाम तर्कों की कसौटी

संघियों-भाजपाइयों, वक्त आ गया है कि अब तुम तमीज से बहस करना सीख लो। कुछ भी बक-बक करने से अब तक काम चल गया, अब नहीं चलेगा। आगे बहस में टिकने की क्षमता ही काम आएगी। कांवड़ ढोना नहीं, जयश्री राम करना नहीं, हिंदू-मुस्लिम खेलना नहीं। इसका समय अब गया। आगे बढ़ो। लफ्फाजी का जितना लाभ मिल सकता था, तुम्हारे नेता को मिल चुका। वह इसके जितने मजे ले सकता था, ले चुका। अब उसका मुंह सूखने लगा है, उससे झाग आने लगे हैं। ये रणनीति अब कारगर नहीं रही। जरूरत से ज्यादा एक्सपोज़ हो चुकी है, उसका पर्दाफाश हो चुका है। उसकी मियाद खत्म हो चुकी है। एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। अमित शाह मत बनो। वे अब अप्रासंगिक हो चुके हैं। चीख-चिल्लाहट के राष्ट्रवाद का युग देखो, वह जा चुका।

यह जान लो कि अब तुम्हारे पास 2047 तक का नहीं, बल्कि 2029 का पूरा साल भी है या नहीं, कोई निश्चित रूप से नहीं जानता। दुनिया को तुम गालियों से बहुत नवाज़ चुके। देशद्रोही, नक्सली, पाकिस्तानी आदि बहुत उच्चार चुके। अब तर्कसंगत बहस ही चलेगी। पर बहस के लिए वर्षों तक अध्ययन करना पड़ता है, जो भाजपाइयों के लिए इस जन्म में संभव‌ नहीं और अगला जन्म होता नहीं! नान-बायोलॉजिकल भी कोई होता नहीं।

मसलन तुम आज 'वंदे मातरम्, वंदे मातरम्' पर बच्चों की तरह बहुत उछल रहे हो। अमित शाह की छात्रों की जबर्दस्त पिटाई के मुद्दे पर जबान आज तक तालू से चिपक हुई है, मगर आजकल वंदेमातरम के 'योद्धा' बने हुए हैं। इसे सबको पूरा गाना पड़ेगा, इसके हम दो टुकड़े नहीं होने देंगे। कांग्रेस देशविरोधी है। कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए केवल इसके दो शुरुआती छंद गाना स्वीकार किया था। कांग्रेस नई मुस्लिम लीग है। ये राग,ये बंदिश अब पुरानी पड़ चुकी।

अब इस तरह की फतवेबाजियां बेदम हो चुकी हैं। 20 जुलाई के बाद का समय है यह। उससे पहले का नहीं। बहस में अपनी बात को ऐतिहासिक दस्तावेजों से साबित करना होता है।संदर्भ बताना होता है। मोदी-शाह नहीं बनना होता। कांग्रेस ने चुनौती दे दी है कि तुम जो कह रहे हो, वह सच नहीं है।1937 के चुनावों में कांग्रेस मजबूत थी और मुस्लिम लीग तो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी कांग्रेस से हार चुकी थी।

आज की कांग्रेस कह रही है कि तुम्हें जो करना हो, जिस कानून का सहारा लेना हो, ले लो, मगर हम वंदेमातरम पूरा नहीं गाएंगे। 1937 से इसके दो छंद गा रहे हैं, आगे भी वे ही गाएंगे। यह निर्णय महाकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की अनुशंसा पर महात्मा गांधी, सुभाष चन्द्र बोस, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, नरेन्द्र देव, गोविंद वल्लभ पंत आदि बड़े नेताओं ने लिया था। क्या ये तुम्हारी तरह वोट बैंक पालिटिक्स करनेवाले घटिया लोग थे? देशद्रोही थे? क्या नरेंद्र मोदी-अमित शाह मंडली इनसे भी बड़े राष्ट्रवादी है? फिर हमें बताएं कि वंदेमातरम को पूरा क्यों गाना चाहिए, दो छंद क्यों नहीं? फिर ये भी बताएं कि 2014 से 2025 तक खुद सरकार के नेता इसके दो छंद क्यों गाते रहे। यह ग़लत था, तो देश से इसके लिए माफी मांगें! फिर इसकी भी क्षमा मांगें कि आजादी की लड़ाई के समय वंदेमातरम संघ-हिंदू महासभा के नेताओं की जुबान पर क्यों नहीं चढ़ा? कितनी बार इसे वीर सावरकर ने गाया? कितनी बार इसे गुरु गोलवलकर ने गाया?

तुम जो भी कहते हो, मानते हो, उस पर कांग्रेसियों से बहस करो। याद रखो स्वर ऊंचा रखने से बौद्धिक बहसें जीती नहीं जातीं। अपनी बात को ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर सिद्ध करना होता है। चाहो तो अपनी ओर से बहस में प्रधानमंत्री जी को ले आ़ओ और उधर से राहुल गांधी आ जाएं। इनमें से जो भी बहस से भागने की कोशिश करे, उसे भगोड़ा कहो। बहस में तर्क से जो भी इधर-उधर हिले, आयं-बांय-शांय बके, आवाज़ ऊंची करे, वह हारा हुआ, तर्कहीन माना जाए। पप्पू शब्द तुम्हें बहुत पसंद है। उसे राष्ट्रीय पप्पू घोषित किया जाए। इस अवसर पर देश भर में राष्ट्रीय पप्पू दिवस मनाया जाए। राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए।

तुम कहोगे कि प्रधानमंत्री के पास क्या अकेला यही काम है?सच बताओ, उनके पास कोई काम है भी? कभी-कभी किसी फाइल पर दस्तखत करने के अलावा कोई और काम वे जानते हैं? फाइल तक पढ़ना-समझना तो उनके बूते में नहीं,यह वे खुद स्वीकार कर चुके हैं। भारत को पहली बार ऐसा अनोखा प्रधानमंत्री मिला है!

चलो फिर भी उनके लिए रोज फाइल के लिए दस मिनट अलग रख देते हैं। बहस के लिए समय निकालने के लिए उन्हें केवल इतना करना होगा कि छह बार की बजाय पांच बार कुर्ता, जैकेट, पजामा बदलना होगा। एक जोड़ी ड्रेस का दैनिक नुकसान झेलना होगा। इससे एक जोड़ी कपड़े की राष्ट्रीय बचत होगी, टेलर मास्टर का समय बचेगा और बहस की तैयारी के लिए रोज प्रधानमंत्री को काफी समय मिलेगा। देश के लिए गांधी, नेहरू, नेताजी आदि ने अपना जीवन समर्पित कर दिया, जबकि देश आपसे केवल प्रतिदिन एक ड्रेस कम पहनने की अपेक्षा कर रहा है। पचास दिन नहीं, आपसे दिन के पचास मिनट मांगे जा रहे हैं।

समय बचाने के वैसे और भी उपाय हैं, लेकिन इन्हें बिना पढ़े ज्ञान बघारने और हास्यास्पद बनने की आदत है, इसकी लगन लग चुकी है, इसलिए इतना ही काफी है। यही स्थिति अमित शाह की भी है और भाजपा-संघ के दूसरे सूरमाओं और चूरमाओं की भी। तर्क और प्रमाण के साथ बहस कर सकने वाला इनमें एक भी शूरवीर नहीं। एक भी नहीं। एक स्वयंसेवक, एक प्रोफेसर, पार्टी का एक भी प्रवक्ता नहीं, जो सिलसिलेवार, सुचिंतित-सुविचारित बहस कर सके। भाजपा के बड़े- बड़े प्रवक्ताओं को तो टीवी चैनलों की डिबेट में ही राष्ट्रीय जनता दल की युवा प्रवक्ता प्रियंका भारती और आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा जैसी लड़कियां चुटकियों में जमीन सुंघाने की क्षमता रखती हैं।

तुमने पार्टियां खरीद लीं, नेताओं को खरीद लिया, ईडी-सीबीआई उनके पीछे लगा दी, मगर एक को भी समझदारी भरी, तार्किक बहस के लिए तैयार नहीं कर सके, क्योंकि तर्क और विवेक से तुम्हारी जानी दुश्मनी है। कोई तुम्हारे सर्वोच्च नेता के सामने बुद्धिमान, तार्किक दिखे, यह उन्हें स्वीकार्य नहीं। सब उनसे बौने दिखने चाहिए।

तो आओ फिर 'दिमागी नक्सल' पर बहस कर लेते हैं, क्योंकि इसके लिए तुम्हें दिमाग की जरूरत नहीं पड़ेगी। वैसे भी न तुम्हारे दिमाग का पता है, न तुम्हें पता है कि नक्सल क्या होता है। तुम्हारे लिए तो जो भी तुम्हारी काट का नहीं है -- 'दिमागी' भी है और नक्सल' भी!

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