
यहियागंज गुरुद्वारे में गुरु अमरदास जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा से मनाया गया
📍 लखनऊ (यहियागंज): ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, यहियागंज में शुक्रवार शाम 7:00 बजे से 11:00 बजे तक सिखों के तीसरे गुरु गुरु अमरदास जी का प्रकाश पर्व बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार के साथ मनाया गया।
गुरुद्वारा सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने जानकारी दी कि डॉ. गुरमीत सिंह के संयोजन में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कानपुर से आए रागी जत्थे—भाई भूपेंद्र सिंह जी गुरदासपुरी, भाई सुरेंद्र सिंह जी खालसा, भाई कुलदीप सिंह जी राजा एवं भाई हरविंदर सिंह जी—ने सामूहिक रूप से शबद कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु अमरदास जी के जीवन और उनके उपदेशों को याद किया। गुरु अमरदास जी 73 वर्ष की आयु में गुरु बने और लगभग 22 वर्षों तक मानवता की सेवा में समर्पित रहे। उन्होंने लंगर प्रथा को सशक्त बनाया, जाति-भेद को समाप्त करने का संदेश दिया तथा गोइंदवाल में ‘सांझी बावली’ का निर्माण करवाया।
उन्होंने महिलाओं के अधिकारों की वकालत करते हुए पर्दा प्रथा और सती प्रथा का विरोध किया तथा विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया। सिख धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने 22 प्रचार केंद्र (मंजी प्रथा) स्थापित किए।
5 मई 1479 को अमृतसर के बासरके गांव में जन्मे गुरु अमरदास जी ने ‘आनंद साहिब’ की रचना की, जो सिख धर्म में विशेष महत्व रखती है। 1 सितंबर 1574 को अमृतसर में वे ज्योति ज्योत समा गए।
कार्यक्रम के अंत में संगत के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई।





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