
कर्मचारियों के लिए यूपी बजट निराशाजनक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बजट पेश किया गया जो कर्मचारी के लिए निराशाजनक है उत्तर प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी के लगभग साढे चार लाख पद स्वीकृत रिक्त हैं जिनको तत्काल सरकार द्वारा भरा जाना चाहिए उसे पर कोई चर्चा नहीं की गई ना इस मुद्दे को रखा गया बराबर सरकार से अनुरोध किया जा रहा था पिछला हाल है अस्थाई रोजगार दिया जा सकता था। जिससे गरीब एवं मध्यम परिवार के बच्चे अस्थाई रोजगार पाए जाते हैं वह भी सरकार ध्यान नहीं दे रही लाखों लाखों पद विभागों में स्वीकृत रिक्त हैं इसको सरकार द्वारा भारत जाना चाहिए जिससे हर विभाग में राजकीय कार्य पर आधारित हो रहा है आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त किया जाना चाहिए विभागीय द्वारा संविदा पर रखकर उनका सीधे भुगतान किया जाए। जिससे पूरा भुगतान श्रमिक के को मिल सके प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री दोनों नेताओं ने कहा कि कोरोना कल का 18 मा का द का भुगतान और 7 बैट नहीं दिए गए जिस पर भी कोई विचार नहीं किया गया सरकार द्वारा एवं मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों का भी अनुपालन नहीं किया जा रहा है किसी भी संगठन से कोई वार्ता तक नहीं कीजा रही है अनेकों पत्र मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए लेकिन कोई अनुपालन नहीं हो पा रहा है। प्रदेश के समस्त संगठन ऑन की कोई सुनवाई नहीं हो रही है आज उत्तर प्रदेश सरकार का बजट कर्मचारियों के लिए निराशाजनक बजट है इसके लिए द्वारा कुछ भी सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया सुरेश सिंह यादव प्रदेश महा मंत्री प्रदेश अध्यक्ष रामराज दुबे उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज कर्मचारी महासागर ने अपनी आज हुए बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।





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