फ़ॉर्च्यूनर से ड्यूटी पर आता है सफाईकर्मी, शेषप्पा की कहानी हैरान करने वाली

दक्षिण कन्नड़। सोशल मीडिया पर इन दिनों कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले से सामने आई एक कहानी लोगों का ध्यान खींच रही है। यह कहानी है बंतवाल नगर पालिका में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले शेषप्पा की, जो हर सुबह अपनी चमचमाती Toyota Fortuner से काम पर पहुंचते हैं। खास बात यह है कि लग्जरी कार से उतरने के बाद वह किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि हाथ में झाड़ू उठाकर सड़कों की सफाई में जुट जाते हैं।
शेषप्पा का यह अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को इसलिए भी प्रभावित कर रहा है, क्योंकि उनकी जिंदगी की शुरुआत आज जैसी सुविधाओं के साथ नहीं हुई थी। कभी वह महज 50 रुपये रोज की दिहाड़ी पर काम करते थे, लेकिन करीब तीन दशक की मेहनत, अनुशासन और अतिरिक्त काम के दम पर उन्होंने अपनी जिंदगी की तस्वीर बदल दी।
50 रुपये की दिहाड़ी से शुरू हुआ सफर
शेषप्पा ने वर्ष 1996 में महज 50 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर सफाई कर्मचारी के रूप में काम शुरू किया था। आर्थिक तंगी इतनी थी कि जिंदगी के मुश्किल दौर में उनके पास अपने पिता के अंतिम संस्कार तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे।

हालात से जूझते हुए उनकी जिंदगी में एक और चुनौती आई—शराब की लत। लेकिन वर्ष 2005 में एक पुलिस अधिकारी की सलाह ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। उन्होंने शराब छोड़ने का फैसला किया और इसके बाद पूरी तरह मेहनत और अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया।
सुबह झाड़ू, फिर खेती और डेयरी का काम
शेषप्पा की मेहनत सिर्फ नगर पालिका की नौकरी तक सीमित नहीं रही। वह सुबह करीब 5 बजे अपने काम पर निकलते हैं और दोपहर तक सफाई के साथ-साथ कचरा वाहन चलाने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
इसके बाद खाली समय में वह डेयरी फार्मिंग, खेती और मजदूरी जैसे अतिरिक्त काम करते हैं। यानी आमदनी बढ़ाने के लिए उन्होंने एक नहीं, बल्कि कई रास्ते अपनाए और वर्षों तक लगातार मेहनत करते रहे।
Maruti 800 से Fortuner तक पहुंची गाड़ियों की कहानी
शेषप्पा को बचपन से ही गाड़ियों का शौक रहा है। उनकी गाड़ियों की यात्रा भी उनके जीवन के बदलाव की कहानी बयां करती है।
उन्होंने सबसे पहले Maruti 800 खरीदी। इसके बाद Alto, Omni और Scorpio जैसी गाड़ियां उनके सफर का हिस्सा बनीं। पुरानी गाड़ी बेचकर अगली गाड़ी खरीदना और जरूरत पड़ने पर थोड़ा लोन लेना—इसी तरह उन्होंने धीरे-धीरे अपनी पसंद की गाड़ियों का सपना पूरा किया।
आखिरकार उनकी मेहनत उन्हें सेकेंड हैंड Toyota Fortuner तक ले आई। आज वह इसी गाड़ी से नगर पालिका में सफाई कर्मचारी की अपनी ड्यूटी निभाने पहुंचते हैं।
Fortuner से उतरते ही हाथ में झाड़ू
शेषप्पा की कहानी का सबसे खास पहलू यही है। लाखों रुपये की SUV से उतरने के बाद वह बिना किसी झिझक के हाथ में झाड़ू उठाते हैं और सड़क की सफाई में जुट जाते हैं।
उनके लिए गाड़ी उनकी मेहनत से हासिल की गई एक उपलब्धि है, जबकि सफाई का काम उनकी जिम्मेदारी। दोनों के बीच कोई विरोधाभास नहीं है।
उनकी सोच साफ है—मेहनत से किया गया कोई भी काम छोटा नहीं होता।
संघर्ष से सफलता तक की मिसाल
शेषप्पा की कहानी सिर्फ एक सफाई कर्मचारी के Fortuner खरीदने की कहानी नहीं है। यह उस सोच की कहानी है जिसमें इंसान अपनी परिस्थितियों को अपनी किस्मत मानकर बैठने के बजाय उन्हें बदलने के लिए लगातार प्रयास करता है।
50 रुपये की दिहाड़ी से शुरुआत करने वाले शेषप्पा ने करीब तीन दशकों में अपने लिए बेहतर जिंदगी बनाई। उनकी कहानी बताती है कि सपने बड़े हों तो शुरुआत छोटी होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
आज सड़क पर झाड़ू लगाते हुए जब शेषप्पा की Fortuner किनारे खड़ी दिखाई देती है, तो वह गाड़ी सिर्फ उनकी हैसियत नहीं दिखाती—वह वर्षों की मेहनत, संघर्ष और वित्तीय अनुशासन की कहानी भी सुनाती है।
संदेश साफ है: काम कोई छोटा नहीं होता, छोटी होती है सिर्फ वह सोच जो मेहनत करने से रोकती है।
लेखक के बारे में
News Desk
‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात

दिल्ली हाईकोर्ट: के. कविता को ‘द पायनियर’ के खिलाफ आरोप लगाने से रोका

4 बच्चों की मौत से टूटा पिता, बोला- ‘मेरा सब कुछ चला गया’, DSP ने गले लगाकर संभाला

जन्माष्टमी पर परिवहन व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद: दयाशंकर सिंह
टॉप रीड्स

‘हनुमान अंश’- फिल्म जो मन-मंदिर में बस जाए...

विवाद का बाजार और अभिव्यक्ति की घटती जगह

ई-रिक्शा की बढ़ती भीड़ पर सोती नहीं रह सकती सरकार, ट्रैफिक पुलिस के अलग कैडर पर विचार करे राज्य: हाईकोर्ट

AI वीडियो की सियासत : जनमत का नया हथियार या चुनावी मर्यादा का पतन?

देश के 25 बेहतरीन पुलिस कप्तानों में यूपी के 5 अफसर, ‘सुपर-5’ में भी एक नाम, फेम इंडिया-एशिया पोस्ट ने जारी की सूची

यूपी में 10 IPS अफसर सेवानिवृत्त, DG फायर मुथा अशोक जैन समेत कई बड़े नाम शामिल

यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को हुआ स्वाइन फ्लू, घर पर चल रहा इलाज, प्रदेश में 685 पहुंचे मरीज



Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).