ई-रिक्शा की बढ़ती भीड़ पर सोती नहीं रह सकती सरकार, ट्रैफिक पुलिस के अलग कैडर पर विचार करे राज्य: हाईकोर्ट

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी की बदहाल यातायात व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए ट्रैफिक पुलिस के अलग कैडर के गठन और ई-रिक्शा के बेतहाशा पंजीकरण पर राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने सूरज सिंह विसेन की जनहित याचिका (PIL No. 329 of 2026) पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को होगी।
ट्रैफिक पुलिस का अलग कैडर : ट्रैफिक एडीजी ने कोर्ट को बताया कि फिलहाल अलग ट्रैफिक कैडर के लिए कोई नियम नहीं हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि सामान्य पुलिसिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट दो अलग काम हैं। थाने में पहले से ही कर्मियों की कमी है। ऐसे में सरकार को ट्रैफिक पुलिस के लिए अलग कैडर बनाने पर विचार करना चाहिए। अपर महाधिवक्ता सुदीप कुमार ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय से प्रमुख सचिव (गृह) को अवगत कराएंगे।

ई-रिक्शा की बेलगाम बिक्री पर सख्त रुख : शहर में चल रहे लगभग 80,000 ई-रिक्शों पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने कहा कि सड़कों की क्षमता से अधिक वाहन चल रहे हैं। पार्किंग की जगह न होने से चौराहों पर जाम लग रहा है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, "सरकार इस मुद्दे पर सोती नहीं रह सकती, उसे जगकर नीति बनानी होगी।" कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (परिवहन) से ई-रिक्शा की बिक्री, पंजीकरण और संचालन को नियंत्रित करने की योजना पर जवाब मांगा है।
पॉलीटेक्निक से कमता चौराहे तक की स्थिति: डिप्टी कमिश्नर (ट्रैफिक) द्वारा पॉलीटेक्निक से कमता चौराहे के बीच चिह्नित 153 ट्रैफिक बिंदुओं में सुधार को लेकर नगर निगम ने रिपोर्ट सौंपी है। कोर्ट ने 10 सितंबर तक इसकी सत्यापन रिपोर्ट और गठित कमेटी के प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया है।
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Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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