यूपी की सियासत में सवाल बड़ा है सम्मान की लड़ाई है या वोटों की लड़ाई?
जाट सम्मान पर मायावती की ‘सियासी याददाश्त’ पर खड़े हुए सवाल, 2019 का मंच फिर चर्चा में उस समय जाटों के अपमान नहीं हुआ था?
मायावती को जाटों का अपमान दिखा, लेकिन अपना पुराना प्रोटोकॉल भूल गईं?
मायावती के मुताबिक, अखिलेश यादव ने किसी का नाम भी नहीं लिया फिर भी वो जाट समाज से माफी मांगे।
मायावती इसे जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के परिवार और पूरे जाट समाज का अपमान बता रही हैं।
लेकिन मायावती 2019 की देवबंद रैली भूल गईं इसलिए ये तस्वीरें और खबरें उन्हें याद दिला दें।
तब सपा-बसपा-आरएलडी महागठबंधन था और मायावती गठबंधन की सबसे बड़ी सियासी धुरी के तौर पर पेश की जा रही थीं।
देवबंद की रैली में मंच पर मायावती के साथ बैठने के लिए आरएलडी अध्यक्ष दिवंगत अजित सिंह को जूते उतारने पड़े थे... रिपोर्ट के मुताबिक बीएसपी के एक को-ऑर्डिनेटर ने उन्हें जूते उतारने के लिए कहा था।
सवाल यही है कि तब जाट समाज के बड़े नेता का सम्मान कहां था और आज जाट सम्मान की इतनी चिंता क्यों?
राजनीति में गठबंधन बदलते ही क्या सम्मान के पैमाने भी बदल जाते हैं?
2019 में अजित सिंह को मंच पर बैठने के लिए मायावती का ‘प्रोटोकॉल’ मानना पड़ा, आज वही मायावती जाट सम्मान की सबसे बड़ी पैरोकार बनने की कोशिश कर रही हैं.. सियासत का ये दोहरा पैमाना सवाल तो खड़े करता है?
बीजेपी भी इस पूरे विवाद से अछूती नहीं है... आज आरएलडी बीजेपी की सहयोगी है और जयंत चौधरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं... ऐसे में मायावती का अचानक जाट सम्मान के मुद्दे पर मुखर होना 2027 की यूपी की सियासी बिसात में जाट वोटों को लेकर नई गोलबंदी की कोशिश के तौर पर भी देखा जा सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि मायावती खुद अपने बयान में आरोप लगा रही हैं कि सपा और उसके सहयोगियों के बीच विवादों का राजनीतिक लाभ अक्सर बीजेपी उठाती रही है।
यानी एक तरफ मायावती अखिलेश पर जाटों के अपमान का आरोप लगा रही हैं, दूसरी तरफ बीजेपी और उसके सहयोगी भी इस विवाद से अपना सियासी फायदा तलाशते नजर आ सकते हैं।
अगर जाट सम्मान इतना बड़ा मुद्दा है तो 2019 में अजित सिंह के साथ हुआ ‘जूता प्रोटोकॉल’ क्या था?
क्या सम्मान सिर्फ चुनावी जरूरत के हिसाब से याद किया जाएगा?
मायावती के बयान पर बीजेपी खुश है, आरएलडी उनके साथ खड़ी है और निशाने पर अखिलेश हैं तो क्या 2027 से पहले जाट वोटों की नई सियासी पटकथा लिखी जा रही है?
लेखक के बारे में
News Desk
‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

वडनगर-काशी बाइक यात्रा : 7 अक्टूबर को होगी समाप्त, जगतपुर में नितिन नबीन की होगी सभा

कस्ता में गरजी ‘लाखन आर्मी’, सूरज पासी बोले- इतिहास के सम्मान और अधिकारों के लिए जारी रहेगा संघर्ष

विधान परिषद चुनाव: लखनऊ खंड स्नातक व शिक्षक सीट के लिए तीन प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

इमरान मसूद को कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी पर भाजपा का हमला, राकेश त्रिपाठी बोले- सपा से टकराव का मिला इनाम!
टॉप रीड्स

OTS योजना में एक लाख से ज्यादा आवेदन, 65 हजार से अधिक स्वीकृत

गांधी-शास्त्री जयंती पर अधिवक्ता जन सेवा समिति ने किया माल्यार्पण, दो वरिष्ठ पत्रकार सम्मानित

क्रिकेट विश्व कप 2027 का पूरा कार्यक्रम जारी, 10 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान की टक्कर

हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं : मुख्यमंत्री योगी

विहिप रसड़ा जिला टोली की बैठक संपन्न, गोरखपुर कार्यक्रम को लेकर बनी रणनीति

गांधी जयंती पर यूपी में ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में रोजगार से महिला सशक्तीकरण तक 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर मंथन

बंद कमरे में टिप्पणी आसान, सुरक्षा हटा दें तो बड़े से बड़े व्यक्ति को भी भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगती : मुख्यमंत्री



Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).