इमरान मसूद को कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी पर भाजपा का हमला, राकेश त्रिपाठी बोले- सपा से टकराव का मिला इनाम!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव के तहत इमरान मसूद को प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इस फैसले को लेकर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसे सपा के साथ उसके रिश्तों और मुस्लिम मतदाताओं को लेकर चल रही राजनीति से जोड़कर हमला किया।
राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण की राजनीति में कांग्रेस अब समाजवादी पार्टी से भी आगे निकल गई है। उन्होंने दावा किया कि इमरान मसूद को यह जिम्मेदारी सपा के खिलाफ लगातार मुखर रहने और कांग्रेस नेतृत्व की लाइन के अनुरूप बयान देने के बाद मिली है।

सपा के खिलाफ बोलने का मिला इनाम
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इमरान मसूद पिछले कई महीनों से सपा और अखिलेश यादव को लेकर लगातार हमलावर रहे हैं और गठबंधन में बराबरी की हिस्सेदारी की बात करते रहे हैं। मसूद ने जून में कहा था कि कांग्रेस गठबंधन में किसी से सीटों की ‘भीख’ नहीं मांगेगी और सीटों का फैसला बातचीत की मेज पर होना चाहिए।
हाल के दिनों में भी मसूद ने अखिलेश यादव को लेकर गठबंधन संबंधी सवालों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और विपक्षी एकता में कांग्रेस की भूमिका पर जोर दिया है।
त्रिपाठी ने इसी राजनीतिक रुख को आधार बनाते हुए कहा कि सपा के खिलाफ मुखर होकर बोलने का इमरान मसूद को कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण पद के रूप में ‘इनाम’ मिला है। हालांकि, यह भाजपा प्रवक्ता का राजनीतिक आरोप है; कांग्रेस ने नियुक्ति को संगठनात्मक बदलाव के रूप में घोषित किया है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की राह में बढ़ सकती हैं चुनौतियां
भाजपा ने इस नियुक्ति को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा-कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे से भी जोड़कर देखा है। त्रिपाठी का कहना है कि इमरान मसूद के तेवरों से दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर बातचीत और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
दरअसल, मसूद पहले ही गठबंधन में बराबरी के आधार पर बातचीत की वकालत कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है और यदि गठबंधन होता है तो सीटों का फैसला दोनों दलों के बीच बातचीत से होगा।
कांग्रेस-सपा के बीच सीटों को लेकर खिंचतान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को लेकर पिछले कुछ समय से सीट बंटवारे का मुद्दा चर्चा में है। कांग्रेस की ओर से बराबरी की हिस्सेदारी की मांग और सपा की ओर से अपने संगठनात्मक आधार के अनुरूप सीटों पर जोर—दोनों दलों के बीच बातचीत को महत्वपूर्ण बना रहे हैं।
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हालिया राजनीतिक बयानों में दोनों दलों के नेताओं के बीच अपने-अपने दल की राजनीतिक ताकत को लेकर दावे भी सामने आए हैं। सितंबर में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने भी इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन के बयानों का हवाला देते हुए कहा था कि दोनों दल आगामी चुनाव से पहले खुद को बेहतर स्थिति में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
नई जिम्मेदारी के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों और सपा के साथ संभावित तालमेल पर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से नियुक्ति के साथ संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया गया है, जबकि भाजपा इसे विपक्षी गठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान से जोड़कर देख रही है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस और सपा के बीच आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर किस तरह की बातचीत होती है और इमरान मसूद की नई संगठनात्मक भूमिका इस प्रक्रिया को किस तरह प्रभावित करती है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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