अमित शाह 7 सितंबर को पणजी में करेंगे पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता

पणजी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार, 7 सितंबर 2026 को गोवा की राजधानी पणजी में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का आयोजन अंतर-राज्य परिषद सचिवालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गोवा सरकार की मेजबानी में किया जा रहा है।
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र राज्य तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव संघ राज्य क्षेत्र शामिल हैं। राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15 से 22 के तहत पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद सहित देश में पांच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि गोवा के मुख्यमंत्री इसके उपाध्यक्ष हैं। सदस्य राज्यों में से एक राज्य के मुख्यमंत्री हर वर्ष बारी-बारी से परिषद के उपाध्यक्ष होते हैं। बैठक में पश्चिमी क्षेत्र के प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री तथा दो वरिष्ठ मंत्री सदस्य के रूप में भाग लेंगे। भारत सरकार, राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे।
सहकारी संघवाद को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारी संघवाद के आधार पर देश के सामने ‘TEAM BHARAT’ की कल्पना रखी है। क्षेत्रीय परिषदें इसी भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री ने देश के सर्वांगीण विकास के लिए सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद का लाभ उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
क्षेत्रीय परिषदों का मूल उद्देश्य दो या अधिक राज्यों अथवा केंद्र और राज्यों को एक साथ प्रभावित करने वाले मुद्दों पर संवाद एवं चर्चा के लिए व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराना है। इनके माध्यम से राज्यों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय को बढ़ावा दिया जाता है।
स्थायी समिति पहले करती है मुद्दों पर चर्चा
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद ने मुख्य सचिवों के स्तर पर एक स्थायी समिति का भी गठन किया है। राज्यों की ओर से प्रस्तावित मुद्दों को पहले स्थायी समिति के समक्ष चर्चा के लिए रखा जाता है। समिति में विचार-विमर्श के बाद जो महत्वपूर्ण मुद्दे शेष रह जाते हैं, उन्हें क्षेत्रीय परिषद की बैठक में विचार के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका मुख्य रूप से सलाहकारी है, लेकिन पिछले वर्षों में इन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच तथा सदस्य राज्यों के मध्य सहयोग एवं आपसी समझ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
12 वर्षों में हुईं 70 बैठकें
सरकार के अनुसार, सभी राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से जून 2014 से अब तक विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 70 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के बीच तथा सदस्य राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के बीच उत्पन्न होने वाले मुद्दों एवं विवादों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराती हैं। इनके माध्यम से क्षेत्रीय विषयों पर प्रगति और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भी चर्चा
क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में केवल अंतर-राज्यीय मुद्दों पर ही चर्चा नहीं होती, बल्कि राष्ट्रीय महत्व के व्यापक विषय भी एजेंडे में शामिल किए जाते हैं। इनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दुष्कर्म के मामलों की त्वरित जांच, ऐसे मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSC) का प्रभावी क्रियान्वयन तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) को लागू करने जैसे विषय प्रमुख हैं।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा मानकों, प्रत्येक गांव के निर्धारित दायरे में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत सुधार, शहरी नियोजन और सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है।
वर्तमान समय की जरूरतों को देखते हुए साइबर अपराध और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे विषय भी क्षेत्रीय परिषदों के विमर्श का हिस्सा बन रहे हैं। इन बैठकों के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर विकास से जुड़े मुद्दों के समाधान को गति देने का प्रयास किया जाता है।
7 सितंबर को पणजी में होने वाली पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक भी इसी सहकारी संघवाद की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच संवाद, समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
लेखक के बारे में
News Desk
‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

गिद्ध संरक्षण को लेकर पंचकुला में बड़ा अभियान, भूपेंद्र यादव ने सुरक्षित क्षेत्रों के निर्माण पर दिया जोर

डॉ. विनय प्रकाश सिंह लगातार दूसरी बार एपीपीयू के महासचिव निर्वाचित

दो महिला पत्रकारों से मारपीट के आरोप में साकेत थाने में FIR दर्ज

सीमा के आखिरी गांव नहीं, अब देश के ‘पहले गांव’: विकास के साथ मजबूत हो रही भारत की सीमाई सुरक्षा
टॉप रीड्स

दिनेश शर्मा के आभार संदेश में राजनाथ सिंह का जिक्र नहीं, सियासी गलियारों में उठे सवाल

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, दोनों नदियां खतरे के निशान से 2 मीटर नीचे

मेयर की कुर्सी से राजभवन तक: दिनेश शर्मा के सियासी सफर ने तय किया लखनऊ से अंडमान तक का लंबा रास्ता

नेपाल त्रासदी में चमत्कार! नौ दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले दो मजदूर, संजय साह और कबीर महार्जन का रेस्क्यू

अयोध्या में दीपोत्सव और कार्तिक मेले की तैयारियां तेज, 8 सितंबर को सीएम योगी का प्रस्तावित दौरा

फ़ॉर्च्यूनर से ड्यूटी पर आता है सफाईकर्मी, शेषप्पा की कहानी हैरान करने वाली

ई-रिक्शा की बढ़ती भीड़ पर सोती नहीं रह सकती सरकार, ट्रैफिक पुलिस के अलग कैडर पर विचार करे राज्य: हाईकोर्ट






Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).