10 नवंबर तक पूरा होगा स्कूटी योजना का सत्यापन, यूपी की मेधावी बेटियों को जल्द मिलेगी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ देने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। योजना के तहत चयनित छात्राओं के निवास, आय और अन्य पात्रता से जुड़े प्रमाणपत्रों का सत्यापन 10 नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूटी वितरण की तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की ओर से सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच के लिए निगरानी समिति गठित की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी या अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
पोर्टल पर दर्ज डेटा के आधार पर होगी जांच
योजना के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की ओर से पोर्टल तैयार किया गया है। प्रदेश के राज्य और निजी विश्वविद्यालयों ने पात्र छात्राओं का विवरण पोर्टल पर दर्ज करने के साथ आधार के माध्यम से डेटा का सत्यापन भी किया है। अब जिला स्तर पर लाभार्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी के लॉगिन से छात्राओं के निवास और आय प्रमाणपत्र का ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। दिव्यांग छात्राओं के दिव्यांगता प्रमाणपत्र, शहीद परिवार की आश्रित बेटियों से जुड़े दस्तावेज और निराश्रित परिवार की छात्राओं के माता-पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र की भी जांच की जाएगी।

सत्यापन के बाद स्कूटी का विवरण पोर्टल पर होगा दर्ज
प्रमाणपत्रों की जांच पूरी होने के बाद सत्यापित लाभार्थियों का डेटा संबंधित वेंडर को उपलब्ध कराया जाएगा। वेंडर छात्राओं को दी जाने वाली स्कूटी की पंजीकरण संख्या, इंजन नंबर और चेसिस नंबर पोर्टल पर दर्ज करेगा। इसके बाद विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी छात्रा से स्कूटी प्राप्ति की रसीद का सत्यापन कराकर उसे पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इस रसीद पर जिला स्तर के नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली पात्र छात्राओं को लाभ देने का प्रावधान है। चयन में संबंधित संस्थान की मेधावी छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार संस्थान की शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को मेरिट के आधार पर चुना जाना है। परिवार की वार्षिक आय सीमा और अन्य पात्रता शर्तें भी लागू होंगी। दिव्यांग छात्राओं, शहीद परिवारों की बेटियों और निराश्रित परिवारों की छात्राओं के लिए निर्धारित नियमों में विशेष छूट का प्रावधान है।
उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की पहल
सरकार का उद्देश्य छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय तक आने-जाने में सुविधा देना है, ताकि परिवहन की समस्या उनकी पढ़ाई और आगे बढ़ने के रास्ते में बाधा न बने। योजना के तहत स्कूटी के साथ पंजीकरण, बीमा और हेलमेट जैसी सुविधाएं भी देने की व्यवस्था है।
अब 10 नवंबर तक प्रमाणपत्रों का सत्यापन पूरा होने के बाद वितरण की अगली प्रक्रिया पर नजर रहेगी। योजना का लाभ पाने वाली छात्राओं के लिए यह चरण महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें अपने दस्तावेजों और विश्वविद्यालय में दर्ज विवरण की शुद्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
लेखक के बारे में
Durgesh Tiwari
वीएल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक होने के साथ-साथ ’विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के मुख्य प्रबंधक की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। अपने व्यावसायिक अनुभव, दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता के बल पर उन्होंने मीडिया एवं मार्केटिंग के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। सेल्स एवं मार्केटिंग के क्षेत्र में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दुर्गेश तिवारी ने लखनऊ से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद आईसीआईसीआई बैंक में कॉर्पोरेट रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। बैंकिंग क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने कॉर्पोरेट संबंधों, व्यवसाय विकास और प्रबंधन की बारीकियों को समझा। मीडिया के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ’विजुअल लाइव’ के माध्यम से समाचार एवं जनसंचार के कार्यों को आगे बढ़ाने से जुड़ी है। प्रबंधन, व्यावसायिक रणनीति, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के अनुभव का उपयोग करते हुए वह मीडिया संस्थान के विकास तथा उसकी कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। Durgesh Tiwari की सभी खबरें देखें →
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