नेपाल के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री बालेन शाह से मिले भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, द्विपक्षीय संबंधों और सैन्य सहयोग पर हुई अहम चर्चा
काठमांडू / नई दिल्ली। भारत और नेपाल के सदियों पुराने प्रगाढ़, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूती देने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक प्रगति सामने आई है। भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने अपनी आधिकारिक नेपाल यात्रा के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह से शिष्टाचार भेंट की। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रधानमंत्री बालेन शाह नेपाल के रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, रणनीतिक साझीदारी और आपसी सहयोग के विविध पहलुओं पर सौहार्दपूर्ण माहौल में व्यापक चर्चा हुई।
सैन्य सहयोग और आपसी संबंधों पर विशेष ध्यान
काठमांडू स्थित प्रधानमंत्री आवास में आयोजित इस बैठक के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने भारत-नेपाल के बीच ऐतिहासिक और पारंपरिक रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। बातचीत के दौरान सीमा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन में समन्वय, संयुक्त सैन्य अभ्यास, और सेनाओं के बीच प्रशिक्षण व तकनीकी सहयोग बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नेपाल के साथ भारत के विशेष और घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच का रिश्ता महज दो पड़ोसियों का नहीं, बल्कि 'रोटी-बेटी' और साझा सांस्कृतिक धरोहर का है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में नेपाल को हर संभव तकनीकी और ढांचागत सहायता प्रदान करने का आश्वासन दोहराया।
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रक्षा मंत्री के रूप में प्रधानमंत्री बालेन शाह की भूमिका
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह, जो रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे हैं, ने भारतीय सेना प्रमुख का गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री शाह ने नेपाल की संप्रभुता, सुरक्षा और आर्थिक विकास में भारत द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के रक्षा बलों के बीच का यह अनूठा संबंध क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक मजबूत स्तंभ का काम करता है।
प्रधानमंत्री शाह ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने, नियमित उच्चस्तरीय सैन्य संवाद बनाए रखने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
ऐतिहासिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बैठक
भारत और नेपाल के सैन्य संबंधों की अपनी एक अलग ही ऐतिहासिक परंपरा रही है, जहाँ दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे के राष्ट्र द्वारा 'जनरल' की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाता है। इस परिप्रेक्ष्य में, जनरल धीरज सेठ की यह मुलाकात रणनीतिक और कूटनीतिक दोनों ही दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के उच्चस्तरीय संवाद से न केवल दोनों देशों के रक्षा तंत्रों के बीच आपसी विश्वास और समझ और अधिक गहरी होगी, बल्कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि के नए रास्ते भी खुलेंगे। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में भी विभिन्न द्विपक्षीय मंचों के माध्यम से संवाद की इस श्रृंखला को निरंतर जारी रखने पर सहमति जताई।
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