शटडाउन के बाद पोल पर चढ़ते ही 11 हजार लाइन की चपेट में आया संविदाकर्मी, मौत

देव स्थान फीडर की लाइन दूसरे सबस्टेशन से जोड़ी गई थी, जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दी जरूरी सूचना
शटडाउन के बाद भी दूसरे सब स्टेशन से चालू रही लाइन, समन्वय की चूक बनी जानलेवा
लखनऊ। बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से रविवार को एक संविदा कर्मी की जान चली गई। वह 11 हजार लाइन पर कम्प्लेन ठीक करने गया था। शटडाउन लेने के बाद वह जैसे ही पोल पर चढ़ा। 11 हजार वोल्ट का करंट लगते ही पोल से नीचे गिर गया। आनन-फानन में उसे लोहिया अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले की उसकी मौत हो गई। घटना के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं कर्मचारी की मौत की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
दरअसल चिनहट देवा रोड स्थित यूपीएसआईडीसी विद्युत सबस्टेशन से चलने वाला देव स्थान फीडर में शनिवार की रात कुछ फॉल्ट आया था। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस फीडर की कुछ लाइनों को दूसरे विद्युत सबस्टेशन ओमेगा के भवानीपुर फीडर से जोड़कर रात में आपूर्ति बहाल करवा दी। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस सूचना को ओमेगा और यूपीएसआईडीसी सबस्टेशन के एसएसओ तक प्रॉवर कन्वे नहीं किया।
बीते पांच सालो से चिनहट विद्युत सबस्टेशन पर काम करने वाले बाराबंकी निवासी संविदाकर्मी रंजीत और आकाश देव स्थान फीडर पर फॉल्ट ठीक करने गये थे। लालपुरवा के पास एक पोल पर चढ़ने के लिए रंजीत ने यूपीएसआईडी विद्युत सबस्टेशन से देव स्थान फीडर का शटडाउन लिया। लेकिन इस लाइन की सप्लाई ओमेगा पावर हाउस से चालू थी। यह बात उसे पता नहीं था। वह जैसे ही पोल पर 11 हजार वोल्ट की चपेट में आ गया, और उसकी मौत हो गई।
हादसे की जांच कराई जाएं, पीड़ित को मुआवजा मिले
इस बारे में लेसा चीफ सुशील गर्ग ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाये जाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी। अधिशासी अभियंता अभय कुमार ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मृतक परिजनों की आर्थिक मदद की जाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन संविदा निविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री देवेन्द्र पांडेय ने कहा कि ऊर्जामंत्री के निर्देश के बावजूद अकुशल कर्मचारियों से लाइन का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषी इंजीनियर पर कार्रवाई करने की मांग की।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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