
माँ-बच्चे का बंधन ही सशक्त समाज की नींव : डॉ. राजेश्वर सिंह
माँ ही पहली गुरु, वही गढ़ती है आत्मविश्वास और भविष्य
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने एक हॉस्पिटल में आयोजित “खूबसूरत मॉम & लिटिल स्टार्स” कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए कहा कि माँ और बच्चे का संबंध समाज का सबसे सुंदर और सबसे मजबूत बंधन है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि माँ ही बच्चे की पहली गुरु, पहला प्रेम और आत्मविश्वास की सबसे बड़ी शक्ति होती है। समाज से पहले माँ अपने बच्चे की क्षमता पर विश्वास करती है और उसी विश्वास, स्नेह व रचनात्मकता से एक सशक्त व्यक्ति और सशक्त समाज का निर्माण होता है। उन्होंने प्रसिद्ध उक्ति “जो हाथ पालने को झुलाता है, वही दुनिया पर राज करता है” का उल्लेख करते हुए कहा कि माताएँ अपने बच्चों के माध्यम से भविष्य को गढ़ती हैं। मातृत्व का उत्सव केवल बाहरी सौंदर्य का नहीं, बल्कि त्याग, समय, बहु-भूमिकाओं और निरंतर समर्पण की पहचान है। डॉ. सिंह ने महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में आज महिलाएँ हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं—चाहे वह शासन हो, अर्थव्यवस्था हो या स्थानीय प्रशासन। माताओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे सकती हैं।
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए अपनी माँ के समर्पण को स्मरण किया तथा सरोजनीनगर में संचालित ‘तारा शक्ति रसोई’ का उल्लेख किया, जहाँ प्रतिदिन लगभग 4,000 लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जो मातृत्व के संस्कारों से प्रेरित सेवा भाव का प्रतीक है।बाल-केंद्रित विकास कार्यों की चर्चा करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर के 120 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में झूले लगाए गए हैं, जिससे 20,000 से अधिक बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं और विद्यालयों में बच्चों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस प्रेरक आयोजन के लिए आदरणीय अरुणा सक्सेना एवं डॉ. संजीव अवस्थी का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों राज स्मृति, वरुण मिश्रा, मुनाल विक्रम बिष्ट, आर. पी. सिंह एवं संजय मिश्रा मौजूद रहे।





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