Sun, Sep 20
V L MEDIA PVT.LTD.
ब्रेकिंग न्यूज़
दिल्ली, UGC-NET जून 2026 की फाइनल आंसर की जारी, 9 औऱ 10 सितंबर को हुई थी परीक्षा, इंग्लिश, कॉमर्स, सोशियोलॉजी की आंसर की जारी। दिल्ली, DUSU चुनाव के लिए आज होगा मतदान, DU प्रशासन ने पूरी की चुनाव की तैयारियां, चुनाव के लिए 158 मतदान बूथ बनाए गए, करीब 1.51 लाख छात्र करेंगे मतदान, निगरानी के लिए 12 कंट्रोल रूम बनाए गए, सुरक्षा के लिए कॉलेजों में अतिरिक्त इंतजाम, बूथ पर पहचान जांच,भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था, 68 ऑब्जर्वर चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। हरिद्वार, 8 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से हड़कंप, वन विभाग टीम ने बमुश्किल किया रेस्क्यू, अजगर के रेस्क्यू से लोगों ने ली राहत की सांस, कनखल की ब्रह्म विहार फेस-2 कॉलोनी का मामला। प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अपमानजक टिप्पणी का मामला, आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, आरोपी मुबारक अली की सशर्त जमानत मंजूर, आरोपी मुबारक अली ढाई साल से जेल में बंद, याची ईमेल भेजने के आरोप में जेल में बंद है, महराजगंज के थाना भितौली दर्ज हुई थी FIR, अली ने अपमानजनक बातों वाला ईमेल भेजा था, जस्टिस कृष्ण पहल की सिंगल बेंच का फैसला। कन्नौज, धारदार हथियार से काटकर बुजुर्ग की हत्या, 60 वर्षीय प्रवेश दुबे की निर्मम हत्या की गई, सूचना पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुटी, एएसपी,फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची, तिर्वा कोतवाली के बेहरीन गांव की वारदात। लखनऊ, रोहिंग्या को अवैध बसाने वालों को सजा, NIA कोर्ट से 4 दोषियों को 7 वर्ष की कैद, इस्माइल, अजीजुर रहमान, मुफीजुर को सजा, शफीक उर्फ सबीउल्लाह को 7 साल की कैद, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में बसाया। लखनऊ, इंडिया फूड एक्सपो-2026 का उद्घाटन, आज उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य उद्घाटन करेंगे, 1090 चौराहे के पास थोड़ी देर में कार्यक्रम। लखनऊ, बैन हो चुकी PNC कंपनी पर NHAI की मेहरबानी, बैन का असर पहले से जारी परियोजना पर नहीं, पहले के काम में भ्रष्टाचार तो आगे क्या गारंटी?, बाराबंकी-बहराइच 6 लेन सड़क का काम जारी रहेगा, इस हाईवे का टेंडर पीएनसी के पक्ष में हुआ था। लखनऊ, बाढ़ से इटौंजा में 15 हजार लोग प्रभावित, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी, एक सप्ताह से कई गांवों में बाढ़ का पानी, करीब 75% धान की फसल पानी में डूबी, 1985 से तटबंध निर्माण की मांग की जा रही। ➡️लखनऊ, संजय निषाद ने पोस्ट कर विपक्ष पर साधा निशाना, फूलन देवी की हत्या की सुपारी देने वालों से सावधान रहें-निषाद, मछुआरा समाज की राजनीतिक पहचान रोकने का आरोप, फूलन देवी की संपत्ति पर विपक्ष ने कब्जा किया-संजय निषाद, राजनीतिक विरासत छीनने का भी विपक्ष पर लगाया आरोप, मछुआरा समाज बरसाती नेताओं से सावधान रहे-संजय निषाद, मछुआरों की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान निषाद पार्टी-संजय निषाद। दिल्ली, UGC-NET जून 2026 की फाइनल आंसर की जारी, 9 औऱ 10 सितंबर को हुई थी परीक्षा, इंग्लिश, कॉमर्स, सोशियोलॉजी की आंसर की जारी। दिल्ली, DUSU चुनाव के लिए आज होगा मतदान, DU प्रशासन ने पूरी की चुनाव की तैयारियां, चुनाव के लिए 158 मतदान बूथ बनाए गए, करीब 1.51 लाख छात्र करेंगे मतदान, निगरानी के लिए 12 कंट्रोल रूम बनाए गए, सुरक्षा के लिए कॉलेजों में अतिरिक्त इंतजाम, बूथ पर पहचान जांच,भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था, 68 ऑब्जर्वर चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। हरिद्वार, 8 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से हड़कंप, वन विभाग टीम ने बमुश्किल किया रेस्क्यू, अजगर के रेस्क्यू से लोगों ने ली राहत की सांस, कनखल की ब्रह्म विहार फेस-2 कॉलोनी का मामला। प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अपमानजक टिप्पणी का मामला, आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, आरोपी मुबारक अली की सशर्त जमानत मंजूर, आरोपी मुबारक अली ढाई साल से जेल में बंद, याची ईमेल भेजने के आरोप में जेल में बंद है, महराजगंज के थाना भितौली दर्ज हुई थी FIR, अली ने अपमानजनक बातों वाला ईमेल भेजा था, जस्टिस कृष्ण पहल की सिंगल बेंच का फैसला। कन्नौज, धारदार हथियार से काटकर बुजुर्ग की हत्या, 60 वर्षीय प्रवेश दुबे की निर्मम हत्या की गई, सूचना पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुटी, एएसपी,फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची, तिर्वा कोतवाली के बेहरीन गांव की वारदात। लखनऊ, रोहिंग्या को अवैध बसाने वालों को सजा, NIA कोर्ट से 4 दोषियों को 7 वर्ष की कैद, इस्माइल, अजीजुर रहमान, मुफीजुर को सजा, शफीक उर्फ सबीउल्लाह को 7 साल की कैद, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में बसाया। लखनऊ, इंडिया फूड एक्सपो-2026 का उद्घाटन, आज उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य उद्घाटन करेंगे, 1090 चौराहे के पास थोड़ी देर में कार्यक्रम। लखनऊ, बैन हो चुकी PNC कंपनी पर NHAI की मेहरबानी, बैन का असर पहले से जारी परियोजना पर नहीं, पहले के काम में भ्रष्टाचार तो आगे क्या गारंटी?, बाराबंकी-बहराइच 6 लेन सड़क का काम जारी रहेगा, इस हाईवे का टेंडर पीएनसी के पक्ष में हुआ था। लखनऊ, बाढ़ से इटौंजा में 15 हजार लोग प्रभावित, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी, एक सप्ताह से कई गांवों में बाढ़ का पानी, करीब 75% धान की फसल पानी में डूबी, 1985 से तटबंध निर्माण की मांग की जा रही। ➡️लखनऊ, संजय निषाद ने पोस्ट कर विपक्ष पर साधा निशाना, फूलन देवी की हत्या की सुपारी देने वालों से सावधान रहें-निषाद, मछुआरा समाज की राजनीतिक पहचान रोकने का आरोप, फूलन देवी की संपत्ति पर विपक्ष ने कब्जा किया-संजय निषाद, राजनीतिक विरासत छीनने का भी विपक्ष पर लगाया आरोप, मछुआरा समाज बरसाती नेताओं से सावधान रहे-संजय निषाद, मछुआरों की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान निषाद पार्टी-संजय निषाद।

मुफ्त UPI का सफर खत्म? जानिए कैसे 2,000+ रुपये के ट्रांसफर पर ढीली होगी आपकी जेब

Published By News Desk·26 Aug 20262805
0
मुफ्त UPI का सफर खत्म? जानिए कैसे 2,000+ रुपये के ट्रांसफर पर ढीली होगी आपकी जेब

लेखक : सी पी कृष्णन, अनुवाद : संजय पराते

मोदी सरकार का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) लेन-देन पर शुल्क लगाने का कदम आम लोगों पर हमला है। 6 अगस्त को सरकार ने लोकसभा में यह विधेयक पारित किया, जिससे यूपीआई ऐप्स के ज़रिए किए जाने वाले भुगतान पर शुल्क लगाने की मंज़ूरी मिल गई है।

यह विधेयक विपक्ष की राय सुने बिना और बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया। इसे तानाशाही तरीके से ध्वनि मत के ज़रिए पारित कराया गया है। इस संशोधन के ज़रिए, कॉर्पोरेटों को फायदा पहुंचाने के लिए, सरकार आम लोगों से शुल्क वसूलकर उन्हें सज़ा दे रही है।

आम जनता पर असर

सत्ताधारियों का दावा है कि ये शुल्क केवल व्यापारियों से ही वसूले जाएंगे। लेकिन असल में, व्यापारियों पर लगाया गया कोई भी शुल्क आखिरकार आम लोगों के सिर पर ही पड़ेगा।

करारोपण और अन्य कानून संशोधन विधेयक, 2026 के तहत भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में बदलाव किया गया है। अब तक, यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लेने पर रोक लगाने वाला एक कानून था। 6 अगस्त को सरकार ने उस कानून में बदलाव किया है। अब, अगर सरकार चाहे तो शुल्क लगा सकती है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, केवल 2,000 रूपये से ज़्यादा के यूपीआई लेन-देन पर 0.3–0.5% का चार्ज लग सकता है।

डिजिटलीकरण की ओर बढ़ावा

8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की गई थी। केंद्र सरकार ने दावा किया था कि इससे काला धन, भ्रष्टाचार और नकली नोट की समस्या खत्म हो जाएगी। असल में, इनमें से कोई भी समस्या हल नहीं हुई। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने लोगों को डिजिटलीकरण (जिसमें यूपीआई भी शामिल था) की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और वादा किया था कि इस पर कभी कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इस भरोसे के कारण लोगों ने इसे बड़े पैमाने पर अपनाया, भले ही शुरुआती दिनों में यह मुश्किल रहा हो।

ज़बरदस्त बढ़ोतरी

यूपीआई लेन-देन में बहुत तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है और यह हर रोज़ तेज़ी से बढ़ रहा है। नवंबर 2016 में, एक महीने में मुश्किल से 3,00,000 लेन-देन हुए थे, जिनका कुल मूल्य 100 रूपये करोड़ था। जुलाई 2026 तक, लेन-देन की संख्या बढ़कर एक महीने में 2,366 करोड़ हो गई, जिनका कुल मूल्य 30 लाख करोड़ रूपये था। इसका मतलब है कि हर दिन लगभग 79 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 1 लाख करोड़ रूपये था। अगस्त 2025 और जुलाई 2026 के बीच, कुल 24,000 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 330 लाख करोड़ रूपये था।

विदेशी कंपनियों का दबदबा

मुख्य सवाल यह है कि इन लेन-देनोंं को कौन नियंत्रित करता है? विदेशी कंपनियों का दबदबा है। अमेरिका की वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली फोनपे 50% और अमेरिका की गूगल पे 33% लेन-देन संभालती हैं। ये दोनों विदेशी कंपनियाँ मिलकर यूपीआई लेन-देन का 83% हिस्सा नियंत्रित करती हैं। दूसरी ओर, एसबीआई पे, पीएनबी पे और बड़ौदा एम पे जैसे सरकारी बैंकों के ऐप्स बाज़ार में नहीं के बराबर हैं। कुल मिलाकर, सभी सरकारी ऐप्स की हिस्सेदारी संख्या और आकार, दोनों ही मामलों में 1% से भी कम है। यह मोदी सरकार का डिज़ाइन है, जो सिर्फ़ विदेशी कंपनियों के ज़रिए ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

एकाधिकार रोकने में आरबीआई की नाकामी

दो विदेशी कंपनियों के यूपीआई लेन-देन पर एकाधिकार को लेकर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) के सामने शिकायतें की गई थीं। नवंबर 2020 में, आरबीआई ने एनपीसीआई के ज़रिए एक दिशा-निर्देश जारी किया था कि कोई भी अकेली कंपनी यूपीआई लेन-देन का 30% से ज़्यादा हिस्सा नहीं ले सकती। लेकिन असल में, फोनपे और गूगल पे इस दिशा-निर्देश का उल्लंघन कर रही हैं। आरबीआई ने इस एकाधिकार को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है ; बल्कि, उसने बार-बार इस दिशा-निर्देश को लागू करने में देरी की है और अब इसे जनवरी 2027 तक टाल दिया है। इससे यूपीआई सेवा में विदेशी कंपनियों का एकाधिकार रोकने में आरबीआई की पूरी नाकामी का पता चलता है और अमेरिकी साम्राज्यवाद के सामने भाजपा सरकार का चापलूसी भरा रवैया भी दिखता है।

1.2 लाख करोड़ रुपयों के शुल्क की लूट

अभी, हर महीने यूपीआई लेन-देन का कुल मूल्य 30 लाख करोड़ रूपये है। एक अनुमान के अनुसार, इनमें से लगभग 65% लेन-देन (मूल्य के हिसाब से 20 लाख करोड़ रूपये) 2,000 रूपये से ज़्यादा के हैं। अगर एमडीआर 0.5% हो, तो यूपीआई शुल्क हर महीने 10,000 करोड़ रूपये और सालाना 1.2 लाख करोड़ रूपये होगा। अगर यह 0.3% भी हो, तो भी यह हर महीने 6,000 करोड़ रूपये और सालाना 72,000 करोड़ रुपये होगा। इसका सबसे ज़्यादा फ़ायदा फोनेपे और गूगल पे को होगा, जिनका यूपीआई लेन-देन के कुल आकार में 83% हिस्सा है।

मोदी सरकार की नीति

वित्त वर्ष 2025–26 में, अकेले स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के ग्राहकों ने यूपीआई लेन-देन की संख्या और आकार, दोनों में 20% हिस्सेदारी निभाई थी। लेकिन एसबीआई के अपने ऐप, एसबीआई पे, का योगदान मुश्किल से 0.5% रहा। एसबीआई के ज़्यादातर ग्राहक फोनेपे या गूगल पे का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह, राष्ट्रवादी बयानों के बावजूद, मोदी सरकार की नीति ने असल में अमेरिका की विदेशी कंपनियों को बढ़ावा दिया है, और ऐसा शायद अमेरिकी दबाव में किया गया है।

क्या वे नगद (कैश) के चलन को कम कर पाए?

नोटबंदी और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने का एक मकसद नगद के चलन को कम करना था। नवंबर 2016 में 18 लाख करोड़ रूपये का नगद चलन में था, जिसमें से 15.5 लाख करोड़ रूपये को चलन से बाहर कर दिया गया था। जनवरी 2017 तक, 6.5 लाख करोड़ रूपये के नए नोट जारी होने के बाद कुल नगद का चलन 9 लाख करोड़ रूपये के स्तर पर आ गया था। सरकार का दावा था कि कई विकसित पूंजीवादी देशों की तुलना में नगद के चलन को उस स्तर पर बनाए रखना सही था। लेकिन आज, नगद का चलन 42 लाख करोड़ रूपये को पार कर गया है। इसकी एक बड़ी वजह बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और काला धन है। भारी मात्रा में नगद जमा करके रखा गया है और उसे चलन में वापस नहीं लाया गया है।

पैसे के ज़्यादा चलन की एक और वजह कई ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में बिजली, इंटरनेट और दूर संचार टावरों की कमी के कारण डिजिटल सेवाओं को न अपना पाना है। यह बात लोगों के बीच बढ़ती आर्थिक असमानता को भी साफ़ तौर पर दिखाती है। मोदी सरकार, जो कई मामलों में नाकाम रही है, नगद के चलन को कम करने में भी नाकाम रही है।

शुल्क के नाम पर लूट बंद करो!

मोदी सरकार ने कॉर्पोरेट घरानों — खासकर विदेशी कंपनियों — को फायदा पहुंचाने के लिए यूपीआई पर शुल्क लगाने के मकसद से कानून में बदलाव किया है। इस बदलाव के ज़रिए केंद्र सरकार आम लोगों से हज़ारों करोड़ रुपये लूटने की साफ़ कोशिश कर रही है। सरकार को यह बदलाव तुरंत वापस लेना चाहिए, वरना जनता उसे ऐसा करने पर मजबूर कर देगी।

(लेखक ट्रेड यूनियन नेता हैं। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)

लेखक के बारे में

News Desk

‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें

Leave a Comment

Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

संबंधित लेख

टॉप रीड्स

19 Sept 20261805

मां-बेटी की हत्या का खुलासा, सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए रची गई साजिश; पति समेत तीन गिरफ्तार

19 Sept 20261780

22 सितंबर के बाद यूपी में थमेगा मानसून

17 Sept 20264715

लखनऊ में BBD के पूर्व छात्रों पर फायरिंग, एक के हाथ में लगी गोली, दूसरा बाल-बाल बचा

17 Sept 20264865

रसड़ा में मां-बेटी के शव मिलने से सनसनी, घर और धान के खेत में मिले शव, जांच में जुटी पुलिस

19 Sept 2026925

जनसंख्या से आगे समाज की बदलती कहानी - विमर्श

17 Sept 20264585

गोरखपुर में एशियन न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ के छोटे भाई की हत्या, परिवार ने पहले भी जताया था खतरा

17 Sept 20263630

लखनऊ में अचानक आई आंधी, दोपहर 1 बजे के बाद बदला मौसम का मिजाज

19 Sept 2026690

स्टेशनों से शेड तक चला सफाई अभियान, डीडीयू मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पर जोर