सनातन की एकता ही देश की शक्ति, हिंदू राष्ट्र की स्थापना सांस्कृतिक पुनर्जागरण का मार्ग : आचार्य अंगद त्रिपाठी
लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार स्थित पंचवटी हनुमान मंदिर एवं शिवालय परिसर में 'श्री बागेश्वर धाम सुंदरकांडमंडल केंद्रीय समिति' की प्रांतीय इकाई 'श्री बागेश्वर धाम सुंदरकांड मंडल, लखनऊ द्वारा एक भव्य धार्मिकअनुष्ठान एवं विशेष सदस्यता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भक्तिमय माहौल में आयोजित इसकार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्री रामचरितमानस के सुंदरकांड का संगीतमय प्रस्तुति रही। जिसमें पूरा वातावरण'जय श्रीराम' और 'बागेश्वर धाम की जय' के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। सुंदरकांड पाठ के उपरांत आयोजितधर्म सभा में आचार्य अंगद त्रिपाठी जी महाराज ने अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए।
आचार्य अंगद त्रिपाठी जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म की रक्षा औरसमाज को संगठित करने के लिए हर हिंदू का एकजुट होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा किसनातन की एकता ही देश की वास्तविक शक्ति है और हिंदू राष्ट्र की स्थापना केवल एक संकल्प नहीं, बल्किसांस्कृतिक पुनर्जागरण का मार्ग है। आचार्य जी ने बागेश्वर धाम के संकल्पों से जुड़कर समाज सेवा और धर्म प्रचारके कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंडल की ओर से एक विशेष सदस्यता अभियान भी चलाया गया, जिसमें सैकड़ोंनए श्रद्धालुओं ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। आयोजनसमिति ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी मूल संस्कृति, नैतिक मूल्यों और धार्मिकग्रंथों से जोड़ना है।
कार्यक्रम का सफल संयोजन एवं मार्गदर्शन श्री 108 महामंडलेश्वर कौशल किशोर दास जी महाराज के पावनसानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारियों में सुंदरलाल रैकवार, ओम प्रकाश तिवारी, धीरज शर्मा एवं पवन पाण्डेय की विशेष उपस्थिति रही।
आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में घनश्याम मौर्य, सुदामा मिश्रा, दुर्गेश तिवारी, गरिमा मौर्या, अजय सिंह, गणेश दुबे, सैन सिंह यादव, योगेंद्र सिंह यादव, हरि मोहन शुक्ला, धीरेंद्र गुप्तातथा भवानी शंकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात उपस्थित सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं केबीच प्रसाद का वितरण किया गया।
संबंधित लेख
बोधगया मंदिर विवाद: बुद्ध की विरासत पर हिंदू-बौद्धों के बीच एकजुटता की अपील
2500 सनातनी महिलाओं के साथ मनाया गया हरियाली तीजोत्सव
राम चरितमानस से मिलती है धर्म, मर्यादा और सदाचार की प्रेरणा : डा दिनेश शर्मा
सावन में धारण करें भगवान शिव का परम प्रसाद 'रुद्राक्ष': जानें 21 प्रकारों का आध्यात्मिक महत्व और नियम
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई ख़बरें
प्रदेश के व्यापारियों का 3 सितंबर को होगा जमावाड़ा

फेम इंडिया–एशिया पोस्ट ने जारी की देश के 100 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची, टॉप 25 होंगे सम्मानित
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी ने सांस्कृतिक कलाकारों को किया सम्मानित, अयोध्या दर्शन के दिए निर्देश
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में मऊ के वीरों का योगदान हमारी गौरवशाली विरासत : ए.के. शर्मा
स्कूलों में ताले और शिक्षा बदहाल, क्या इसी खंडहर पर खड़ा होगा 2047 का ‘विकसित भारत’? : संजय सिंह


Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).