क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगा दिव्यांगजनों को निशुल्क बस टिकट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने दिव्यांगजनों की निशुल्क बस यात्रा को डिजिटल कर दिया है। बुधवार से नई व्यवस्था के तहत परिचालक दिव्यांगजन पहचान पत्र पर दर्ज क्यूआर कोड को ईटीआईएम मशीन से स्कैन कर सीधे शून्य मूल्य का टिकट जारी कर सकेंगे।
क्यूआर कोड स्कैन होते ही मशीन की स्क्रीन पर यात्री की यूआईडी संख्या, नाम, जन्मतिथि, दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत समेत संबंधित जानकारी प्रदर्शित होगी।
https://x.com/visuallive_in/status/2102826322167046623?s=46
परिचालक को यात्रा का चढ़ने और उतरने का स्थान दर्ज करने के बाद दिव्यांगजन विकल्प चुनना होगा।दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर मशीन स्वत: टिकटों की संख्या तय करेगी। 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता पर एक निशुल्क टिकट और 80 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता पर दो निशुल्क टिकट जारी होंगे।
दूसरे टिकट का लाभ नियमानुसार साथ यात्रा करने वाले सहयात्री को मिलेगा।नई व्यवस्था में निशुल्क टिकट परिचालक के लोड फैक्टर में भी शामिल होगा, जिससे प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी का प्रावधान है। टिकट का डिजिटल रिकॉर्ड निगम की रिपोर्ट में दर्ज होगा और दिव्यांगजन टिकट के लिए अलग रिपोर्ट भी उपलब्ध रहेगी।यदि किसी पहचान पत्र का क्यूआर कोड स्कैन नहीं होता है तो परिचालक पुरानी व्यवस्था के तहत दिव्यांगजन को निशुल्क यात्रा करा सकेंगे।नई व्यवस्था का पहला शून्य मूल्य टिकट बुधवार को आलमबाग बस डिपो से गौरी बाजार जाने वाले दिव्यांगजन यात्री के लिए जारी किया गया। फिलहाल यह सुविधा नॉन एसी साधारण बस सेवा में लागू की गई है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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