H1N1 को लेकर सीएम योगी की समीक्षा बैठक, 685 मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश

सीएम योगी ने की समीक्षा बैठक, गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड और अस्पतालों में फ्लू काउंटर बनाने के निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) और सीजनल इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में H1N1 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राज्य के सभी जिला अस्पतालों, CHC, PHC, मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच मुफ्त कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि 2 सितंबर तक प्रदेश में H1N1 के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं। इसके बाद अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी बढ़ाने और तत्काल जरूरी चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवा, जांच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था रखने के साथ गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड तैयार करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गंभीर मरीजों को बिना देरी के आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके, इसके लिए मरीजों की स्थिति के आधार पर रेफरल व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल भेजने और उनके लिए पर्याप्त ICU एवं उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
ANM, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के उपायों को लेकर लोगों को जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों के मुताबिक H1N1 का संक्रमण मुख्य रूप से खांसी और छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के जरिए फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हैं।
वहीं, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम या नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, खाना न खा पाना, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को भी गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
दवाओं और जांच किट की पर्याप्त उपलब्धता
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप तथा H1N1 वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जिला अस्पतालों में हेल्प डेस्क, सैंपल कलेक्शन और अलग फ्लू OPD की व्यवस्था की गई है।
सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, आवश्यक जांच, दवाएं और आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेजों में जांच के लिए पर्याप्त RT-PCR किट भी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।
निजी अस्पतालों को भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि निजी चिकित्सा संस्थान H1N1 जांच के लिए पहले से निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली न करें। साथ ही बीमारी की रोकथाम और उपचार को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलीकंसल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
पैनिक नहीं, जागरूकता पर जोर
मुख्यमंत्री ने संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने को कहा। लोगों तक बीमारी से बचाव के लिए क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी सरल और तथ्यपरक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक पैनिक की स्थिति न बने।
उन्होंने अधिकारियों को H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी जिले में मामलों में बढ़ोतरी होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान, जरूरतमंद मरीज को त्वरित उपचार, पर्याप्त चिकित्सा संसाधन और सही जानकारी संक्रमण से निपटने की अहम रणनीति है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को हुआ स्वाइन फ्लू, घर पर चल रहा इलाज, प्रदेश में 685 पहुंचे मरीज

H1N1 और सीजनल फ्लू को लेकर योगी सरकार अलर्ट, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की बड़ी समीक्षा बैठक

यूपी में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, अब तक 551 मरीज मिले, लखनऊ में 3 नए केस

KGMU में रोबोटिक सर्जरी से पांच साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी, जन्मजात पित्त नली की गांठ का सफल इलाज
टॉप रीड्स

देश के 25 बेहतरीन पुलिस कप्तानों में यूपी के 5 अफसर, ‘सुपर-5’ में भी एक नाम, फेम इंडिया-एशिया पोस्ट ने जारी की सूची

AI वीडियो की सियासत : जनमत का नया हथियार या चुनावी मर्यादा का पतन?

विवाद का बाजार और अभिव्यक्ति की घटती जगह

‘हनुमान अंश’- फिल्म जो मन-मंदिर में बस जाए...

यूपी में 10 IPS अफसर सेवानिवृत्त, DG फायर मुथा अशोक जैन समेत कई बड़े नाम शामिल

शामली एनकाउंटर पर DGP राजीव कृष्ण की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

ई-रिक्शा की बढ़ती भीड़ पर सोती नहीं रह सकती सरकार, ट्रैफिक पुलिस के अलग कैडर पर विचार करे राज्य: हाईकोर्ट




Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).