वाराणसी में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर फूड फेस्टिवल, पुस्तकों का विमोचन

वाराणसी। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, वाराणसी में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयुर्वेद फूड फेस्टिवल सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य एवं अधीक्षक डॉ. डी.के. मौर्य के निर्देशन और नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।
दयाशंकर मिश्र ने किया फूड फेस्टिवल का उद्घाटन
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ द्वारा महाविद्यालय परिसर में सरस्वती पूजन के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद फूड फेस्टिवल का उद्घाटन किया।
फूड फेस्टिवल में आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। इनमें आलूकामृत, पंचामृत पानक, चिंचा पानक, कूष्माण्ड मोदक, मधुर मक्का, अमृत मुद्ग, अग्निअमृत भेल और सात्विक इडली सहित कई व्यंजन शामिल रहे।
स्वस्थ खान-पान और जीवनशैली पर जोर
दयाशंकर मिश्र ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का हिस्सा है और इसे स्वस्थ जीवनशैली से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्वस्थ खान-पान, उचित दिनचर्या, योग और प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।
उन्होंने आयुर्वेद के विद्यार्थियों से शोध, नवाचार और जनजागरूकता के माध्यम से आयुर्वेद के ज्ञान को समाज तक पहुंचाने की अपील की।
‘स्वस्थ मंजरी’ समेत तीन पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, वाराणसी की पत्रिका ‘स्वस्थ मंजरी’ का विमोचन किया गया। इसके अलावा प्रो. डॉ. संजय कुमार पाण्डेय की पुस्तक और डॉ. शिप्रा की नवीन पुस्तक का भी विमोचन हुआ।
धन्वंतरि भवन में आयोजित कार्यक्रम में आयुर्वेद दिवस के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली और जनस्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका पर चर्चा की गई।
23 सितंबर को लखनऊ रवाना होंगे दयाशंकर मिश्र
आयुष मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर प्रदेश में आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 23 सितंबर 2026 को दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ लखनऊ के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितिन शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीष मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. डी.के. मौर्य, प्रो. मनोहर राम, डॉ. संजय प्रकाश, डॉ. धनंजय कुमार, डॉ. ऋचा पाठक, डॉ. अरुण दत्त राजौरिया, डॉ. अवधेश सरोज और डॉ. चंद्रभान सिंह समेत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumar Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आशुतोष कुमार शर्मा पेशे से स्कूल प्रधानाचार्य हैं। पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े श्री शर्मा की डिजिटल मीडिया, नई तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि तकनीक और मीडिया का समन्वय ही भविष्य की पत्रकारिता की दिशा तय करेगा। मीडिया को समाज का चौथा स्तंभ मानते हुए वे सच्चाई, तथ्यपरकता और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Ashutosh Kumar Sharma की सभी खबरें देखें →
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