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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। IAS नेहा शर्मा: महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ वर्तमान में संभाल रही सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पद से मुक्त कर दी गई हैं। IAS प्रदीप कुमार यादव: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, सहारनपुर से अपर आयुक्त, अलीगढ़ मंडल बनाए गए हैं। IAS अरून कुमार: अपर आयुक्त, अलीगढ़ मंडल से विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पद पर तैनात किए गए हैं। IAS अशोक कुमार कनौजिया: संयुक्त निदेशक, युवा कल्याण से विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाए गए हैं। IAS वैभव मिश्रा: अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), कुशीनगर से अब मुख्य विकास अधिकारी (CDO), अम्बेडकर नगर बनाए गए हैं। IAS आनन्द कुमार शुक्ला: मुख्य विकास अधिकारी (CDO), अम्बेडकर नगर से अब विशेष सचिव, रेशम विभाग तथा निदेशक, रेशम, उत्तर प्रदेश बनाए गए हैं। IAS देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा: विशेष सचिव, रेशम विभाग एवं निदेशक, रेशम से अब सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, प्रयागराज बनाए गए हैं। IAS डॉ० विश्राम: अपर आयुक्त, विन्ध्याचल मंडल से अब सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, प्रयागराज नियुक्त किए गए हैं। IAS साहब सिंह: सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, प्रयागराज से अब सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पद पर भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। IAS नेहा शर्मा: महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ वर्तमान में संभाल रही सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पद से मुक्त कर दी गई हैं। IAS प्रदीप कुमार यादव: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, सहारनपुर से अपर आयुक्त, अलीगढ़ मंडल बनाए गए हैं। IAS अरून कुमार: अपर आयुक्त, अलीगढ़ मंडल से विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पद पर तैनात किए गए हैं। IAS अशोक कुमार कनौजिया: संयुक्त निदेशक, युवा कल्याण से विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाए गए हैं। IAS वैभव मिश्रा: अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), कुशीनगर से अब मुख्य विकास अधिकारी (CDO), अम्बेडकर नगर बनाए गए हैं। IAS आनन्द कुमार शुक्ला: मुख्य विकास अधिकारी (CDO), अम्बेडकर नगर से अब विशेष सचिव, रेशम विभाग तथा निदेशक, रेशम, उत्तर प्रदेश बनाए गए हैं। IAS देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा: विशेष सचिव, रेशम विभाग एवं निदेशक, रेशम से अब सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, प्रयागराज बनाए गए हैं। IAS डॉ० विश्राम: अपर आयुक्त, विन्ध्याचल मंडल से अब सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, प्रयागराज नियुक्त किए गए हैं। IAS साहब सिंह: सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, प्रयागराज से अब सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पद पर भेजे गए हैं।

UPI पर MDR की एंट्री, किस भुगतान पर कितना लगेगा चार्ज?

By News Desk·16 Sept 202675
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UPI पर MDR की एंट्री, किस भुगतान पर कितना लगेगा चार्ज?

नई दिल्ली। UPI को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने का फैसला किया है। हालांकि आम यूजर्स के लिए राहत की बात यह है कि UPI से किसी व्यक्ति को पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और ग्राहक से MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी।

₹2,000 तक के UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं

नए नियम के तहत किसी व्यापारी को ₹2,000 तक का UPI भुगतान करने पर MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा छोटे व्यापारियों के लिए भी जीरो-MDR व्यवस्था जारी रहेगी। सरकार के अनुसार करीब 96 प्रतिशत P2M (Person-to-Merchant) UPI ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे।

₹2,000 से ज्यादा भुगतान पर 0.4% MDR

यदि किसी व्यापारी को UPI के जरिए ₹2,000 से अधिक का भुगतान किया जाता है, तो निर्धारित श्रेणी के ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। हालांकि इस शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।

उदाहरण के तौर पर:

  • ₹5,000 का भुगतान → MDR ₹20

  • ₹10,000 का भुगतान → MDR ₹40

  • ₹30,000 का भुगतान → MDR ₹120

  • ₹75,000 या उससे अधिक → अधिकतम MDR ₹300

यह शुल्क ग्राहक नहीं, मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लागू होगा। सरकार ने बैंकों को निर्देश दिया है कि व्यापारी इस लागत को ग्राहक पर न डालें।

पेट्रोल, रेलवे और कुछ जरूरी सेवाओं में ₹5 शुल्क

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ आवश्यक एवं कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के पात्र ट्रांजैक्शन पर 0.4% के बजाय ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा। ग्राहक से यह शुल्क अलग से लेने की अनुमति नहीं है।

व्यक्ति से व्यक्ति पैसे भेजना पूरी तरह मुफ्त

अगर आप अपने दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में UPI से पैसे भेज रहे हैं, तो राशि कितनी भी हो, P2P ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा। यानी ₹5,000, ₹50,000 या इससे अधिक रकम भेजने पर भी इस नए MDR का असर नहीं होगा।

छोटे दुकानदारों को भी बड़ी राहत

छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त भुगतान लागत से बचाने के लिए जीरो-MDR व्यवस्था रखी गई है। UPI QR के जरिए हर महीने ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे मर्चेंट इस व्यवस्था के तहत शुल्क से बाहर रहेंगे। इससे रेहड़ी-पटरी वालों, पड़ोस की दुकानों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की बात सरकार ने कही है।

कैपिटल मार्केट से जुड़े भुगतान पर अलग दर

म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से जुड़े पात्र भुगतान के लिए 0.02% MDR निर्धारित किया गया है। यहां भी अधिकतम शुल्क ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगा।

क्या सरकार या NPCI यह पैसा लेगा?

नहीं। सरकार के मुताबिक MDR न तो टैक्स है और न ही सरकार या NPCI द्वारा सीधे वसूला जाने वाला शुल्क। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पक्षों—जैसे बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और UPI ऐप प्रदाताओं—के बीच वितरित किया जाएगा, ताकि UPI के संचालन, सुरक्षा और विस्तार की लागत को पूरा किया जा सके।

ग्राहक के लिए सबसे जरूरी बात

आम UPI यूजर के लिए फिलहाल मुख्य बात यह है कि:

✔ P2P भुगतान — पूरी तरह मुफ्त
✔ ₹2,000 तक मर्चेंट भुगतान — मुफ्त
✔ छोटे पात्र मर्चेंट — जीरो MDR
✔ ₹2,000 से ऊपर कुछ मर्चेंट भुगतान — 0.4% MDR
✔ कुछ जरूरी क्षेत्रों में — ₹5 फ्लैट MDR
✔ ग्राहक से MDR वसूलना — अनुमति नहीं
✔ ₹75,000 या उससे अधिक के सामान्य पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन — अधिकतम ₹300 MDR

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य UPI को आम नागरिकों के लिए मुफ्त रखते हुए डिजिटल पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है।

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