यूपी में एग्रीगेटर पॉलिसी का पोर्टल लॉन्च, अब ऑनलाइन मिलेगा लाइसेंस, किराये से लेकर ड्राइवर सुरक्षा तक होंगे सख्त नियम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत लाइसेंस और आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि MoRTH की गाइडलाइन के तहत एग्रीगेटर पॉलिसी से संबंधित पोर्टल upmyfleet.com को गुरुवार को ऑनलाइन किया गया।
अब एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदक पोर्टल के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा कर लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों पर संबंधित प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
मौजूदा एग्रीगेटर्स को भी लेना होगा लाइसेंस
परिवहन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में संचालित सभी एग्रीगेटर्स को बिना देरी लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। वहीं, कोई नया एग्रीगेटर बिना लाइसेंस प्राप्त किए एग्रीगेटर या डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर अपना संचालन शुरू नहीं कर सकेगा।
नियमों के तहत आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये और लाइसेंस जारी करने का शुल्क 5 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।
फ्लीट के हिसाब से देनी होगी सिक्योरिटी मनी
एग्रीगेटर की फ्लीट के आकार के आधार पर सुरक्षा राशि भी निर्धारित की गई है। इसके तहत—
100 बसें या 1,000 अन्य मोटर वाहन तक : 10 लाख रुपये
1,000 बसें या 10,000 अन्य मोटर वाहन तक : 25 लाख रुपये
1,000 से अधिक बसें या 10,000 से अधिक अन्य मोटर वाहन : 50 लाख रुपये
यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
सरकार के मुताबिक एग्रीगेटर पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से चालक को विक्रेता, ई-कॉमर्स इकाई या खरीदार से जोड़कर कोरियर, पैकेज और पार्सल डिलीवरी की सुविधा को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
पॉलिसी में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। वाहनों में लाइव ट्रैकिंग की व्यवस्था के साथ प्रत्येक ऑनबोर्डेड ड्राइवर का चरित्र सत्यापन, मनोवैज्ञानिक परीक्षण और समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग कराना अनिवार्य होगा।
ड्राइवरों के लिए हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस
एग्रीगेटर को यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए Grievance Redressal Officer नियुक्त करना होगा। इसके अलावा यात्रियों के लिए इंश्योरेंस की व्यवस्था भी पॉलिसी में शामिल है।
ड्राइवरों के कल्याण के लिए प्रत्येक चालक को 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
मनमाने किराये पर भी लगेगी रोक
एग्रीगेटर्स द्वारा मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने पर नियंत्रण के लिए डायनेमिक प्राइसिंग की व्यवस्था की गई है। इसके तहत निर्धारित बेस फेयर से अधिकतम 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त किराया लिया जा सकेगा।
वहीं, यदि यात्री ट्रिप बुक करता है और निर्धारित समय तक चालक उसे पिकअप नहीं करता है, तो चालक पर 100 रुपये की पेनाल्टी लगाने का प्रावधान है। यह राशि अगले ट्रिप में यात्री को लाभ के रूप में देने की व्यवस्था की गई है।
प्रदूषण नियंत्रण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर जोर
एग्रीगेटर पॉलिसी में वाहनजनित वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और खास तौर पर NCR क्षेत्र में संचालित वाहनों की पोर्टल के माध्यम से लगातार निगरानी की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही एग्रीगेटर्स की फ्लीट में Electric Mobility की ओर संक्रमण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
लाइसेंस की शर्तों, मोटर वाहन अधिनियम और संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर एग्रीगेटर्स और संबंधित पक्षों के खिलाफ निर्धारित पेनाल्टी की कार्रवाई की जाएगी।
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