गोरखपुर में 130 करोड़ की 170 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, CM योगी बोले- विकास का लक्ष्य आम नागरिक की जिंदगी आसान बनाना

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर महानगर को विकास की नई सौगात देते हुए नगर निगम और गोरखपुर विकास प्राधिकरण की 130 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने राप्तीनगर क्षेत्र में नवनिर्मित कल्याण मण्डपम का भी लोकार्पण किया और कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। राप्तीनगर का कल्याण मण्डपम इसी विकास प्रक्रिया में ‘ईज ऑफ लिविंग’ का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सामान्य और गरीब परिवारों के लिए महंगे होटलों में पारिवारिक आयोजन करना मुश्किल होता है। ऐसे में कल्याण मण्डपम उन्हें सुविधाजनक और किफायती विकल्प उपलब्ध कराएगा।
300 से 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था
राप्तीनगर में बना यह कल्याण मण्डपम गोरखपुर महानगर का छठवां कल्याण मण्डपम है। इसमें करीब 300 से 500 लोगों की क्षमता वाला बड़ा सभागार, एक छोटा सभागार, छह अटैच कमरे और विशाल लॉन की व्यवस्था है। नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार यहां विवाह, मुंडन, बैठक, सम्मेलन सहित सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस स्थान पर यह मण्डपम बनाया गया है, वहां करीब एक दशक पहले डेढ़ से दो मीटर तक गहराई थी। मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया गया और अब यहां आधुनिक कल्याण मण्डपम तथा विशाल लॉन तैयार हो चुका है। इसके निर्माण में करीब 2.5 करोड़ रुपये विधायक निधि और लगभग 70 लाख रुपये गोरखपुर विकास प्राधिकरण की ओर से लगाए गए हैं। महानगर में तीन अन्य कल्याण मण्डपम निर्माणाधीन हैं।
इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले इस बीमारी को लेकर गोरखपुर सहित पूर्वांचल के कई जिलों में भय का माहौल रहता था। सरकार ने स्वच्छता, उपचार, रोकथाम, टीकाकरण और जनजागरूकता जैसे स्तरों पर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप इंसेफेलाइटिस से होने वाली बच्चों की मौतों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
मुख्यमंत्री ने सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब 60 वर्ष से अधिक आयु की माताओं को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। वहीं रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में बहनों, बेटियों और माताओं को राज्य सड़क परिवहन निगम तथा नगर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष में अध्ययनरत मेधावी छात्राओं में से 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की योजना है। इसका उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना है।
हर जिले में रोजगार और कौशल विकास क्षेत्र
युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो महीनों के भीतर प्रत्येक जनपद में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रोजगार एवं कौशल विकास क्षेत्र स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इन केंद्रों पर युवाओं को उनकी योग्यता और जरूरत के मुताबिक कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। विदेश में रोजगार की इच्छा रखने वाले युवाओं को भी संबंधित देशों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जा चुकी है और अगले एक वर्ष में एक लाख अन्य युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है। वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

बदला गोरखपुर का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में हुए विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि शहर में चार और छह लेन की सड़कों का नेटवर्क विकसित हुआ है। ट्रांसपोर्ट नगर में फ्लाईओवर, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे सहित विभिन्न संपर्क मार्गों से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। रामगढ़ताल के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब पर्यटन और फिल्म शूटिंग के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
शहर में सीएम ग्रिड योजना के तहत स्मार्ट सड़कों का निर्माण, सीसीटीवी कैमरों और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के जरिए निगरानी तथा जलभराव से निपटने के लिए परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज का उन्नयन हुआ है और वहां सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा रीजनल वायरोलॉजी सेंटर और एम्स गोरखपुर में चिकित्सा सेवाएं संचालित हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से गंभीर उपचार के लिए लोगों को दूर-दराज के शहरों में जाने की जरूरत कम हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बड़ी परियोजनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर भी कहा कि बेटी, व्यापारी और आम नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
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