नेपाल में बाढ़ का कहर: 162 लोगों की मौत, 400 से ज्यादा लापता; विदेशी नागरिक भी प्रभावित
नेपाल। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 162 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 400 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
लगातार बारिश और अचानक बढ़े जलस्तर के कारण कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों, पुलों और घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग टूटने से राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों और लापता लोगों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है क्योंकि कई दुर्गम क्षेत्रों से अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बाढ़ की इस भयावह स्थिति ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया RSS, हर संभव सहायता का दिया भरोसा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुई जनहानि और लोगों के घायल होने पर गहरा दुख जताया है। संघ ने इस संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने की बात कही है।
RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने बुधवार को जारी बयान में लोगों से अपील की कि वे आगे आएं और नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि इस अप्रत्याशित संकट के समय पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाना चाहिए। संघ ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राहत एवं सहायता कार्यों में सहयोग की अपील की है।
नेपाल बाढ़ संकट में भारत की मदद, 10 टन राहत सामग्री भेजी
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत की ओर से नेपाल के लिए मानवीय सहायता और 10 टन आपदा राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें दवाइयों समेत पीड़ितों के लिए जरूरी सामान शामिल हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
जयशंकर ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और प्रभावित नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री नेपाल को इस प्राकृतिक आपदा से निपटने में मदद करेगी। भारत की इस सहायता से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
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