आपसी टकराहट ने तो डबल इंजन को ट्रबल इंजन बना दिया: अखिलेश यादव

गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हाॅस्टल मेस की स्थिति को अव्यवस्थित गड़बड़ियां पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के वक्तव्य पर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने दिया बयान
लखनऊ। यूनिवर्सिटी के कुलपतियों,छात्रों और राज्य के उच्च शिक्षा विभाग को कुलाधिपति राज्यपाल आनंदी बेन पटेल झकझोरने में लगीं हैं, लेकिन तंत्र अनसुना करने में माहिर है, राज्यपाल पटेल की टिप्पणी पर सपा के अखिलेश यादव ने कहा कि आपसी टकराहट ने तो डबल इंजन को ट्रबल इंजन बना दिया है।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल राज्य के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति भी हैं, दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी गोरखपुर के डिग्री वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर यूनिवर्सिटी परिसर में उपस्थित रहीं। लखनऊ यूनिवर्सिटी की तरह गोरखपुर यूनिवर्सिटी के होस्टल मेस की स्थिति को अव्यवस्थित गड़बड़ियां व्यापकता में खुले तौर पर बताया, यूनिवर्सिटी प्रशासन को घेरा अकर्मण्यता लापरवाही गैरजिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि विश्विद्यालय के हॉस्टल मेस का संचालन नहीं होने से बाहर से टिफिन सेवा में ड्रग्स,दारू अन्य पदार्थ आ रहे हैं, यह ठीक नहीं है मैं मां भी हूँ छात्रों को हॉस्टल की मेस से अच्छा शुद्ध भोजन प्राप्त होना ही चाहिए है। राज्यपाल ने हॉस्टल में पान मसाले के व्यापकता में छात्रों द्वारा व्यापकता में सेवन और पान मसाले की गंदगी का सार्वजनिक तौर से उल्लेख किया। यूनिवर्सिटी के बॉयज होस्टल में बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी और डीएम को इंगित कियज्ञं लखनऊ में केजीएमयू मेडिकल यूनिवर्सिटी में हॉस्टल मेस में गंदगी और अमिश्रित सामग्री निरीक्षण में मिलने और नानवेज-आसामीष भोजन की कुकिंग पर रोक लगा दी है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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