धूप से रंगीन औद्योगिक पानी की सफाई की नई राह, IIT-BHU ने तैयार किया ग्रेफीन आधारित नैनोकंपोजिट

रिसर्च में तीन तरह की डाई और उनके मिश्रण पर किया गया परीक्षण; सूर्य के प्रकाश से प्रदूषकों को तोड़ने वाली तकनीक भविष्य में औद्योगिक जल शोधन के लिए बन सकती है उपयोगी
वाराणसी। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला रंगीन अपशिष्ट जल नदियों और दूसरे जलस्रोतों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। कपड़ा, रंगाई और प्रिंटिंग उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली कई सिंथेटिक डाई पानी में लंबे समय तक बनी रह सकती हैं। इस समस्या के समाधान की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), यानी आईआईटी बीएचयू के शोधकर्ताओं ने ग्रेफीन ऑक्साइड आधारित एक नया नैनोकंपोजिट विकसित किया है। इस सामग्री की खासियत यह है कि यह सूर्य के प्रकाश की मदद से पानी में मौजूद अलग-अलग प्रकार के रासायनिक रंगों को तोड़ने में सक्षम है।
इस शोध को वैज्ञानिक पत्रिका Inorganic Chemistry Communications के वर्ष 2026 के अंक में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने ग्रेफीन ऑक्साइड (GO) को मैग्नीशियम-एल्युमिनियम लेयर्ड डबल हाइड्रॉक्साइड (MgAl-LDH) के साथ मिलाकर नैनोकंपोजिट तैयार किया। इसका उद्देश्य ऐसी सामग्री विकसित करना था, जो सूर्य के प्रकाश को बेहतर तरीके से ग्रहण करके प्रदूषक रंगों के विघटन की प्रक्रिया को तेज कर सके।

चार शोधकर्ताओं ने मिलकर तैयार की तकनीक
इस अनुसंधान में संजीव कुमार, अमित बार, सुदर्शन सरकार और प्रो. चंदन उपाध्याय शामिल रहे। शोध में ग्रेफीन ऑक्साइड और MgAl-LDH की संरचना को अलग-अलग अनुपात में तैयार कर उनके गुणों का अध्ययन किया गया। इसके लिए स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (SEM), ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (TEM) और UV-Visible स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
शोधकर्ताओं के अनुसार, ग्रेफीन ऑक्साइड की मात्रा में बदलाव से सामग्री के प्रकाश अवशोषण और बैंड गैप में परिवर्तन देखा गया। इससे सूर्य के प्रकाश की मौजूदगी में प्रदूषक रंगों को तोड़ने की क्षमता प्रभावित हुई।
तीन खतरनाक रंगों पर किया गया परीक्षण
नैनोकंपोजिट की क्षमता जांचने के लिए तीन तरह की डाई का इस्तेमाल किया गया। इनमें रोडामाइन-बी (Rhodamine B), मेथिलीन ब्लू (Methylene Blue) और कॉन्गो रेड (Congo Red) शामिल हैं। ये अलग-अलग प्रकृति के रासायनिक रंग हैं।
शोध के उपलब्ध विवरण के मुताबिक, अनुकूलित नैनोकंपोजिट ने 30 पीपीएम रोडामाइन-बी के घोल को 120 मिनट में, जबकि 60 पीपीएम मेथिलीन ब्लू और 60 पीपीएम कॉन्गो रेड के घोल को करीब 100 मिनट में विघटित किया। तीनों रंगों के 30 पीपीएम मिश्रित घोल पर भी परीक्षण किया गया, जिसमें लगभग 110 मिनट का समय लगा।

धूप से चलती है सफाई की प्रक्रिया
इस तकनीक का आधार फोटोकैटेलिसिस है। इसमें प्रकाश की ऊर्जा की मदद से ऐसी रासायनिक प्रक्रिया शुरू होती है, जो पानी में मौजूद कार्बनिक प्रदूषकों को तोड़ने में सहायता करती है। इस शोध में सूर्य के प्रकाश को ऊर्जा स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया गया, ताकि जल शोधन के लिए बाहरी ऊर्जा की जरूरत कम करने की संभावना तलाश की जा सके।
शोधकर्ताओं ने तैयार सामग्री की पुन: उपयोग क्षमता का भी मूल्यांकन किया। हालांकि, बड़े औद्योगिक संयंत्रों में इसके इस्तेमाल से पहले इसकी लागत, लंबे समय तक स्थिरता, वास्तविक फैक्ट्री के अपशिष्ट जल पर प्रभाव और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का परीक्षण जरूरी होगा।
औद्योगिक जल प्रदूषण से निपटने में मिल सकती है मदद
कपड़ा और रंगाई उद्योगों से निकलने वाला दूषित पानी यदि बिना समुचित उपचार के जलस्रोतों में पहुंचता है, तो इससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सूर्य के प्रकाश से संचालित होने वाली नई सामग्री भविष्य में जल शोधन के वैकल्पिक तरीकों को विकसित करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
लेखक के बारे में
Anup Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनूप कुमार शर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और डिजिटल तकनीक एवं मीडिया के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बदलती मीडिया तकनीकों को समझने में उनकी गहरी दिलचस्पी है। डिजिटल मीडिया के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच वे नई तकनीकों, वेब प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन मीडिया टूल्स को सीखने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तकनीकी सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का बेहतर तालमेल उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। मीडिया और तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को वे भविष्य की पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को अधिक तेज, प्रभावी और पाठक-केंद्रित बनाने में उनकी विशेष रुचि है। Anup Sharma की सभी खबरें देखें →
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