यूपी के एमएसएमई को मिलेगा वैश्विक बाजार, इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के MSME और निर्यातोन्मुखी उद्यमों को जर्मनी और यूरोपीय बाजार से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी कार्यालय, पिकअप भवन में इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग और जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस (GIBA) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के निर्यातोन्मुखी MSME और उद्यमों को जर्मनी तथा यूरोपीय बाजार में प्रवेश के लिए तैयार करना है। सरकार के मुताबिक यह सहयोग गैर-वित्तीय, गैर-बाध्यकारी और गैर-अनन्य स्वरूप का होगा। कार्यक्रम को 12 महीने के एक संरचित मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें उद्यमों का मूल्यांकन, बाजार सत्यापन, जर्मनी में स्थापना और बाजार में प्रवेश के बाद सहायता जैसे चरण शामिल होंगे।

प्रमुख सचिव MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन शशि भूषण लाल ने कहा कि वर्ष 2026 भारत-जर्मनी संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। इस वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष और रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मजबूत विनिर्माण आधार और निर्यात के लिए तैयार MSME इकाइयां मौजूद हैं। इनमें यूरोपीय बाजार में विस्तार की बड़ी क्षमता है। इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम के जरिए ऐसी इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
जर्मनी में कारोबार स्थापित करने की राह होगी आसान
एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान, पात्र उद्यमों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने, राज्य सरकार की योजनाओं के साथ समन्वय और उद्यमों की तैयारी में सहायता जैसे कार्य किए जाएंगे।
इसके अलावा गाजियाबाद कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) के आधुनिकीकरण में जर्मन तकनीक, गुणवत्ता, परीक्षण और प्रमाणन से जुड़ा मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी सहयोग किया जाएगा। जर्मन प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी काम होगा।

कार्यक्रम के तहत जर्मन आयात मानकों, यूरोपीय संघ के व्यापार नियमों, टैरिफ और निर्यात दस्तावेजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। सरकार की स्वीकृति मिलने पर इंडो-जर्मन MSME एवं निर्यात सुविधा डेस्क स्थापित करने का भी प्रावधान है।
परिणामों से आंकी जाएगी साझेदारी की सफलता
जर्मनी के राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडेल ने कहा कि इस साझेदारी को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसका फोकस व्यावहारिक और ठोस परिणामों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता नए व्यावसायिक समझौतों, भारतीय कंपनियों की जर्मनी में मौजूदगी और जर्मन कंपनियों द्वारा उत्तर प्रदेश में नई परियोजनाएं शुरू किए जाने जैसे परिणामों से मापी जानी चाहिए।

उन्होंने जर्मनी में संस्थागत आधार के रूप में इनोवेशन हब राइन-मेन और भारतीय पक्ष में जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस को समन्वयक की भूमिका में विकसित करने पर जोर दिया।
यह समझौता तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगा। कार्यक्रम के जरिए यूपी के संभावनाशील MSME को यूरोपीय बाजार की मांग, गुणवत्ता मानकों और कारोबारी प्रक्रियाओं के अनुरूप तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
कार्यक्रम में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद, विशेष सचिव MSME शिशिर, उद्योग आयुक्त के.वी. पंडियन, सहायक महाप्रबंधक रितेश सक्सेना, यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन के एमडी हिमांशु कौशिक, इनोवेशन हब राइन-मेन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड, GIBA के चेयरमैन सेल्वकुमार पेरियासामी सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

यूपी को खाद्य प्रसंस्करण का अग्रणी हब बनाने के लिए कटिबद्ध डबल इंजन सरकार : केशव प्रसाद मौर्य

सात्विक-चिराग की जोड़ी के साथ टाइटन स्मार्ट ने लॉन्च की ‘सेलेस्टर स्विफ्ट’ स्मार्टवॉच, बैडमिंटन और रनिंग परफॉर्मेंस ट्रैकिंग से लैस

UPI पर MDR की एंट्री, किस भुगतान पर कितना लगेगा चार्ज?

करीब दो दर्जन मुकदमों में वांछित सहारा इंडिया के डायरेक्टर संजय अरोड़ा का हार्ट अटैक से निधन
टॉप रीड्स

कैंट के दो वार्डों में बदलेगी सूरत, ₹225 करोड़ से सीवर, पेयजल और सड़क परियोजनाओं को मिली रफ्ता

स्टेशनों पर स्वच्छता का संदेश, गया और डेहरी ऑन सोन में बच्चों ने रंगों से सजाया स्वच्छता का संकल्प

कैनवास पर उतरे बच्चों के सपने, ऑन स्पॉट ड्राइंग में 300 से ज्यादा नन्हे कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा

यूपी विधान परिषद चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित, 23 अक्टूबर को मतदान और 27 को मतगणना
जनसंख्या से आगे समाज की बदलती कहानी - विमर्श

मां-बेटी की हत्या का खुलासा, सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए रची गई साजिश; पति समेत तीन गिरफ्तार

स्टेशनों से शेड तक चला सफाई अभियान, डीडीयू मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पर जोर




Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).