बिस्मिल्लाह खां की विरासत पर फिर चिंता: वाराणसी के पैतृक मकान को लेकर परिवार में विवाद, धरोहर बचाने की मांग

वाराणसी। शहनाई की मधुर धुन से पूरी दुनिया में काशी का नाम रोशन करने वाले भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की यादों से जुड़ा उनका पैतृक मकान एक बार फिर चर्चा में है। मकान को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच लंबे समय से विवाद रहा है। परिवार के कुछ सदस्य इसे सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सुरक्षित रखने की मांग करते रहे हैं, जबकि संपत्ति के पुनर्निर्माण और व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर भी पहले विवाद सामने आ चुका है।
हालिया दावे में कहा जा रहा है कि बिल्डर मकान तोड़ने पहुंचा और परिजनों ने इसका विरोध करते हुए धरोहर को बचाने की बात कही। हालांकि। इस मामले का पुराना और दस्तावेजों से पुष्ट घटनाक्रम अगस्त 2020 का है, जब मकान में तोड़फोड़ की सूचना पर वाराणसी विकास प्राधिकरण ने हस्तक्षेप किया था।
2020 में उस्ताद के रियाज वाले कमरे को लेकर उठा था विवाद
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का मकान वाराणसी के हड़हा सराय इलाके की भिखमशाह गली में स्थित है। इसी आवास में उस्ताद ने जीवन का लंबा समय बिताया था और यहां के एक कमरे में उनका रियाज हुआ करता था। अगस्त 2020 में उनके रियाज वाले कमरे की छत और कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की खबर सामने आई थी। इसके बाद परिवार के सदस्यों और संगीत जगत से जुड़े लोगों ने चिंता जताई थी।
उस समय परिवार के कुछ सदस्यों का कहना था कि मकान को व्यावसायिक परिसर में बदलने की तैयारी है। वहीं, निर्माण कराने वाले पक्ष की ओर से मकान की जर्जर हालत और उस्ताद की यादगार वस्तुओं को सुरक्षित रखने की जरूरत का तर्क दिया गया था। इस तरह विवाद केवल संपत्ति के इस्तेमाल का नहीं, बल्कि उस्ताद की स्मृतियों को संरक्षित रखने का भी बन गया था।

VDA ने रुकवाया था काम, निर्माण से पहले अनुमति की शर्त
विवाद बढ़ने के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण किया था। 21 अगस्त 2020 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, प्राधिकरण ने मकान में चल रहे ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्य को रुकवा दिया था। VDA ने स्पष्ट किया था कि जर्जर भवन को गिराने के लिए नगर निगम से नियमानुसार अनुमति लेनी होगी और नया निर्माण शुरू करने से पहले वाराणसी विकास प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराना जरूरी होगा। उस समय स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए थे।
प्राधिकरण की जांच में यह संपत्ति परिवार की निजी पैतृक संपत्ति बताई गई थी और परिवार के भीतर विवाद की बात भी सामने आई थी। इसलिए इसे सरकारी संरक्षित स्मारक घोषित किए जाने का दावा बिना अलग आधिकारिक आदेश के नहीं किया जा सकता।
संगीत जगत ने संग्रहालय बनाने की उठाई थी मांग
2020 में उस्ताद की मानस पुत्री और गायिका सोमा घोष सहित कई कलाकारों ने मकान को संरक्षित करने की अपील की थी। प्रख्यात बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने भी इसे संगीत प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए बचाने की बात कही थी। कुछ कलाकारों और परिजनों की मांग थी कि इस आवास को स्मारक या संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाए, ताकि उस्ताद से जुड़ी वस्तुएं और उनकी संगीत साधना की स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सकें।
निजी संपत्ति और सांस्कृतिक विरासत के बीच संरक्षण की चुनौती
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का नाम भारतीय शास्त्रीय संगीत और शहनाई को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली महान विभूतियों में शामिल है। ऐसे में उनके रियाज और जीवन से जुड़े स्थान का संरक्षण सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, संपत्ति के स्वामित्व और निर्माण संबंधी अधिकारों का फैसला कानूनी दस्तावेजों और संबंधित प्राधिकरण के नियमों के आधार पर ही हो सकता है।
इस मामले में सबसे जरूरी सवाल यह है कि क्या मकान को लेकर कोई नया निर्माण या ध्वस्तीकरण आदेश जारी हुआ है और क्या प्रशासन ने हालिया शिकायत पर कोई कार्रवाई की है। इसकी पुष्टि के लिए VDA और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
लेखक के बारे में
Anup Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनूप कुमार शर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और डिजिटल तकनीक एवं मीडिया के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बदलती मीडिया तकनीकों को समझने में उनकी गहरी दिलचस्पी है। डिजिटल मीडिया के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच वे नई तकनीकों, वेब प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन मीडिया टूल्स को सीखने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तकनीकी सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का बेहतर तालमेल उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। मीडिया और तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को वे भविष्य की पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को अधिक तेज, प्रभावी और पाठक-केंद्रित बनाने में उनकी विशेष रुचि है। Anup Sharma की सभी खबरें देखें →
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