महाराजा कंसा पासी के किले और शिव मंदिर की मुक्ति की बात करने वाले के साथ खड़ा होगा पासी समाज

इतिहास, विरासत और स्वाभिमान की रक्षा के लिए एकजुट हो समाज -सूरज पासी
"हर घर झंडा अभियान" को बनाएंगे सफल, हर गांव को नशामुक्त कर समाज को देंगे नई दिशा; परंपराओं और धर्म को जानने का दिया संदेश -सूरज पासी
युवाओं से शिक्षा को ताकत बनाने का आह्वान, बोले- बच्चों के हाथ में कलम देकर मजबूत करें समाज
किले और आराध्य भगवान शिव मंदिर को सुरक्षित व मुक्त कराने की मांग को लेकर अभियान जारी रखने का एलान - सूरज पासी
सीतापुर - 19 सितम्बर। लाखन आर्मी के संस्थापक सूरज पासी ने कहा कि जो महाराजा कंसा पासी के किले और हमारे आराध्य भगवान शिव के मंदिर को सुरक्षित व मुक्त कराने की बात करेगा, पासी समाज उसी के साथ खड़ा होगा। समाज अब अपने इतिहास, विरासत और स्वाभिमान के सवाल पर चुप नहीं बैठेगा। महाराजा कंसा पासी की वीरगाथा गांव-गांव और नई पीढ़ी तक पहुंचाई जाएगी।
सीतापुर जनपद की महोली विधानसभा में आयोजित लाखन आर्मी की विशाल जनसभा पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुई। जनसभा में पहुंची पासी समाज की अपार भीड़ को संबोधित करते हुए सूरज पासी ने कहा कि महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और आराध्य शिव मंदिर के संरक्षण व मुक्ति की मांग से किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटेंगे।
परंपराओं को जानने और धर्म-आस्था से जुड़ने का आह्वान
सूरज पासी ने जनसभा में संगठन के मुख्य संकल्पों को रेखांकित करते हुए कहा कि पासी समाज ने इस धरती को अपने खून-पसीने से सींचा है। उन्होंने कहा, "जब हम अपने अर्थ, धर्म और जड़ों से अलग हुए, तभी से हमारा पतन शुरू हो गया। इसीलिए आज मैं आप सभी को जगाने आया हूँ कि अपनी आस्था और धर्म को पहचानिए व समझिए। उन्होंने आगे कहा कि आज पासी समाज को अपनी प्राचीन परंपराओं को जानना बेहद जरूरी है।
सूरज पासी ने उपस्थित जनसमूह से प्रश्न करते हुए कहा कि जब धरती है, जल है, आकाश है, गगन है और यह पूरा ब्रह्मांड है, जब सब कुछ मौजूद है, तो आज पासी समाज आखिर क्यों अलग-अलग टुकड़ों में बिखरा पड़ा हुआ है? अब समय आ गया है कि समाज एकजुट होकर अपनी शक्ति को पहचाने।

ऐतिहासिक संघर्ष, खान-पान की परंपरा और जन-प्रतिरोध
ऐतिहासिक संघर्षों पर बात करते हुए सूरज पासी ने कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं ने हमारी बहन-बेटियों के साथ अत्याचार और बलात्कार किए, तब हिंदू समाज के लोगों ने आगे बढ़कर एक ठोस योजना बनाई और उनका कड़ा प्रतिरोध किया। खान-पान की परंपराओं पर अपने विचार रखते हुए सूरज पासी ने कहा कि अंग्रेजों का सही और पौष्टिक भोजन सूअर का मांस हुआ करता था, क्योंकि वह काफी प्रोटीन युक्त होता था। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र के तहत हम लोगों को पतली-पतली टांगों वाला मुर्गा पकड़ा दिया गया, जिसमें कोई खास पोषण नहीं होता। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी सेहत और परंपराओं के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
बैठक के मुख्य संकल्प और "हर घर झंडा अभियान"
सूरज पासी ने स्पष्ट किया कि महाराजा कंसा पासी के किले और भगवान शिव मंदिर को सुरक्षित व मुक्त कराना, "हर घर झंडा अभियान" को अभूतपूर्व रूप से सफल बनाना और हर गांव को नशामुक्त बनाकर समाज को एक नई दिशा देना ही इस आंदोलन का मुख्य ध्येय है।
बच्चों के हाथ में कलम देकर मजबूत करें समाज
सूरज पासी ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि बच्चों के हाथ में कलम दीजिए और उन्हें अपने इतिहास के बारे में बताइए। नई पीढ़ी को मालूम होना चाहिए कि वह वीर राजाओं और योद्धाओं की विरासत की उत्तराधिकारी है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि हर गांव को नशामुक्त करके ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है। शिक्षित और नशामुक्त युवा ही समाज को संगठित और मजबूत बना सकते हैं।
गांव-गांव पहुंचेगा स्वाभिमान का अभियान
सूरज पासी ने कहा कि महाराजा कंसा पासी की विरासत के संरक्षण का अभियान केवल महोली विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगा। लाखन आर्मी गांव-गांव जाकर "हर घर झंडा अभियान" चलाएगी, समाज को उसके इतिहास से परिचित कराएगी और किले तथा शिव मंदिर की मुक्ति की मांग को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने अंत में कहा कि पासी समाज को अपने इतिहास और महापुरुषों के सम्मान के सवाल पर एकजुट होना होगा। जो महाराजा कंसा पासी के किले और भगवान शिव के मंदिर की मुक्ति की बात करेगा, पासी समाज उसी के साथ खड़ा रहेगा। पासी समाज का सूरज एक दिन फिर उगेगा।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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