107 दिनों में 82 हादसे, 44 मौते : बिजली संविदा कर्मियों की सुरक्षा पर उठे सवाल, 14 अगस्त को इको गार्डन में श्रद्धांजलि सभा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली महकमे के लिए जान जोखिम में डालकर काम करने वाले संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लगातार हादसों का शिकार होने पर कर्मचारी संघ ने गहरा आक्रोश जताया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के अनुसार, बीते महज 107 दिनों के भीतर प्रदेश में 82 बिजली आउटसोर्स कर्मचारी गंभीर दुर्घटनाओं के शिकार हुए हैं। इनमें से 44 कर्मचारियों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 38 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इको गार्डन में कल आयोजित होगी श्रद्धांजलि सभा
हादसों में अपनी जान गंवाने वाले कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देने और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए संघ ने कल, यानी 14 अगस्त 2026 को प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
राजधानी लखनऊ स्थित इको गार्डन (आलमबाग) सहित प्रदेश के सभी जनपदों में सुबह 10 बजे से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मृत कर्मचारियों की आत्म-शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी और उनके योगदान को याद किया जाएगा।
पीड़ित परिवार भी होंगे शामिल
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ, लखनऊ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस भावुक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हादसों का शिकार हुए मृतकों के परिजन भी विशेष रूप से भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक श्रद्धांजलि सभा नहीं है, बल्कि उन परिवारों के दर्द को साझा करने और उनकी आवाज को बुलंद करने का एक मंच है, जिन्होंने अपनों को खो दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था और मानवाधिकारों पर उठे सवाल
107 दिनों में 44 मौतों और 38 कर्मचारियों के गंभीर रूप से घायल होने के आंकड़े बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों और आउटसोर्स कर्मचारियों की कार्यदशाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि बिजली के खंभों पर चढ़कर दुरुस्ती कार्य करने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (जैसे सेफ्टी बेल्ट, ग्लव्स, प्रॉपर शटडाउन प्रोटोकॉल आदि) मुहैया नहीं कराए जाते, जिसके चलते यह भयावह स्थिति उत्पन्न हुई है।
संघ की मुख्य मांगें
संघ ने प्रशासन और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से मांग की है कि :-
मृत कर्मचारियों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
घायलों के इलाज का संपूर्ण खर्च कॉरपोरेशन उठाए।
फील्ड में काम करने वाले सभी संविदा कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
14 अगस्त को आयोजित होने वाली यह श्रद्धांजलि सभा न केवल दिवंगत कर्मियों को याद करने का अवसर होगी, बल्कि प्रदेश भर के संविदा कर्मियों की सुरक्षा और अधिकारों की ओर शासन का ध्यान खींचने का एक बड़ा प्रयास भी होगी।
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