बाट-माप विभाग के निरीक्षकों को समूह ‘ख’ राजपत्रित अधिकारी मानने का रास्ता साफ

रविन्द्र प्रकाश
हाई कोर्ट के आदेश के बाद 70-80 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई खत्म होने की उम्मीद, एसोसिएशन ने प्रमुख सचिव से की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधिक माप विज्ञान (बाट-माप) विभाग में तैनात निरीक्षकों और वरिष्ठ निरीक्षकों को समूह ‘ख’ का राजपत्रित अधिकारी माने जाने का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने संबंधित मामले में विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के आधार पर इन पदों को समूह ‘ख’ के अनुरूप मानते हुए राज्य सरकार को नियुक्ति प्राधिकारी माना है। कोर्ट के आदेश के बाद विभाग में करीब 70 से 80 अधिकारियों के खिलाफ नियंत्रक स्तर से की गई निलंबन, प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोकने जैसी कार्रवाई के समाप्त होने की उम्मीद जगी है।
लीगल मेट्रोलॉजी ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव विजय मिश्रा ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत की गई कार्रवाई की समीक्षा कर उसे समाप्त किया जाना चाहिए। साथ ही निरीक्षकों और वरिष्ठ निरीक्षकों को समूह ‘ख’ का राजपत्रित अधिकारी घोषित करने की मांग की गई है।
https://x.com/visuallive_in/status/2103343798986399746?s=46
अधीनस्थ सेवा नियमावली को लेकर उठाया गया सवाल
एसोसिएशन की ओर से प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि वरिष्ठ निरीक्षक और निरीक्षक के पदों को राजपत्रित करने के संबंध में न्यायालय के समक्ष मामला पहुंचा था। पत्र के मुताबिक, रिट याचिका संख्या 1711/2026 और उसके विरुद्ध दायर स्पेशल अपील संख्या 639/2026 में हाई कोर्ट ने विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 14(1) के आधार पर राज्य सरकार को नियुक्ति प्राधिकारी माना है।
एसोसिएशन का कहना है कि न्यायालय ने विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 57(3) के संदर्भ में उत्तर प्रदेश बाट-माप अधीनस्थ सेवा नियमावली, 1993 के प्रावधानों को अधिनियम के अनुरूप नहीं पाया है। एसोसिएशन ने इसी आधार पर विभागीय स्तर पर नियमों और पदों की स्थिति को अधिनियम के अनुरूप करने की मांग की है।
265 पदों को समूह ‘ख’ में करने की मांग
एसोसिएशन ने प्रमुख सचिव से वरिष्ठ निरीक्षक के 108 और निरीक्षक के 157, कुल 265 पदों को समूह ‘ख’ में वर्गीकृत कर संबंधित वेतनमान में राजपत्रित दर्जा प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के ऐसे अधिकांश पद, जिनके लिए विशेष तकनीकी या शैक्षिक योग्यता निर्धारित है, समूह ‘ख’ और राजपत्रित श्रेणी में आते हैं। एसोसिएशन के मुताबिक विधिक माप विज्ञान विभाग में निरीक्षक संवर्ग के लिए बीएससी/बीटेक जैसी शैक्षिक योग्यता निर्धारित है और केंद्र सरकार की ओर से इसे तकनीकी पद के रूप में घोषित किया गया है।
एसोसिएशन ने हाई कोर्ट के निर्णयों का अनुपालन करते हुए समानता के मौलिक अधिकार के आधार पर निरीक्षकों और वरिष्ठ निरीक्षकों को समूह ‘ख’ के राजपत्रित पद का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
लेखक के बारे में
News Desk
‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

कमजोर एवं वंचित वर्गों को न्याय और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल, बलिया में लगा मेगा शिविर

चक्रवाती तूफान 'अर्णब' से यूपी में मौसम बदला, बारिश के अलर्ट के बीच बढ़ी ठंड

यूपी पुलिस में बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी, दो हजार पुलिसकर्मी आ सकते हैं दायरे में

चक्रवात का असर: यूपी के कई जिलों में बिगड़ेगा मौसम, बारिश से बढ़ेगी ठिठुरन
टॉप रीड्स

यूपी चुनाव 2027 : यूपी में बीजेपी के 120 विधायकों के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सीट पर भी खतरे के संकेत

सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में 1.30 करोड़ से होगा अंबेडकर व रविदास मंदिरों का सुंदरीकरण

किसानों और महिलाओं के लिए जल्द आएगा विशेष पैकेज, तीन करोड़ किसान परिवारों को मिलेगी राहत: योगी

2027 के चुनाव में अखिलेश नहीं आजमाएंगे विधानसभा की किस्मत, वाराणसी में किया बड़ा ऐलान

तेहरान की सड़कों पर ट्रंप के खिलाफ खुली धमकी, होर्डिंग में नेतन्याहू भी निशाने पर; ईरान में बढ़ा अमेरिका-विरोधी प्रदर्शन

अखिलेश के वाराणसी दौरे पर ओम प्रकाश राजभर का तंज भरा सोशल मीडिया पोस्ट

2027 चुनाव से पहले AAP में बड़ी टूट, तीन विधायकों ने बीजेपी का दामन थामा




Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).