नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं तो संस्थान की साख पर संकट, सीएम योगी ने दी नसीहत

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थान की विकास यात्रा से लेकर नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुचिता तक कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में नियुक्ति की प्रक्रिया जितनी पारदर्शी और निष्पक्ष होगी, उसके परिणाम उतने ही बेहतर होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे लोगों का चयन नहीं होने और नियुक्ति प्रक्रिया में विसंगतियां, भेदभाव, पारदर्शिता एवं शुचिता का अभाव रहने का खामियाजा लंबे समय तक पूरे संस्थान को भुगतना पड़ता है। गलती एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है और संस्थान से जुड़े सभी लोगों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाता है।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति किसी भी संस्थान के भविष्य को तय करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यदि योग्य और अच्छे लोगों का चयन किया जाए तो संस्थान लगातार आगे बढ़ता है, लेकिन चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात का असर संस्थान की कार्यप्रणाली और प्रतिष्ठा दोनों पर पड़ता है।
2017 में सामने था अस्पताल या संस्थान का सवाल
सीएम योगी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में जब उनकी सरकार बनी, उस समय यह सवाल सामने था कि यह अस्पताल रहेगा या इसे पूर्ण संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उस समय असमंजस की स्थिति थी और आपसी विवाद भी होते थे। इसके बाद तय किया गया कि इसे संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। जो लोग संस्थान का हिस्सा बनने के इच्छुक होंगे, उन्हें साथ लिया जाएगा और जो लोग कहीं और जाना चाहते हैं, उन्हें वहां स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह संस्थान इतनी तेजी से आगे बढ़ेगा।
20 बेड के अस्पताल से प्रमुख चिकित्सा संस्थान तक का सफर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी यह महज 20 बेड का एक छोटा सा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र था। आज यही संस्थान उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्थान की यह प्रगति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

कमजोर एवं वंचित वर्गों को न्याय और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल, बलिया में लगा मेगा शिविर

चक्रवाती तूफान 'अर्णब' से यूपी में मौसम बदला, बारिश के अलर्ट के बीच बढ़ी ठंड

यूपी पुलिस में बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी, दो हजार पुलिसकर्मी आ सकते हैं दायरे में

चक्रवात का असर: यूपी के कई जिलों में बिगड़ेगा मौसम, बारिश से बढ़ेगी ठिठुरन
टॉप रीड्स

यूपी चुनाव 2027 : यूपी में बीजेपी के 120 विधायकों के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सीट पर भी खतरे के संकेत

सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में 1.30 करोड़ से होगा अंबेडकर व रविदास मंदिरों का सुंदरीकरण

किसानों और महिलाओं के लिए जल्द आएगा विशेष पैकेज, तीन करोड़ किसान परिवारों को मिलेगी राहत: योगी

2027 के चुनाव में अखिलेश नहीं आजमाएंगे विधानसभा की किस्मत, वाराणसी में किया बड़ा ऐलान

तेहरान की सड़कों पर ट्रंप के खिलाफ खुली धमकी, होर्डिंग में नेतन्याहू भी निशाने पर; ईरान में बढ़ा अमेरिका-विरोधी प्रदर्शन

2027 चुनाव से पहले AAP में बड़ी टूट, तीन विधायकों ने बीजेपी का दामन थामा

‘राहुल गांधी का झंडा उठाना बंद करिए’, कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश को दी सलाह




Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).