आठ साल बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सबसे बड़े विवाद पर खुला नया राज, ख्वाजा बोले- सैंडपेपर कांड में पूरा ड्रेसिंग रूम जानता था!

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को दुनिया के सामने शर्मिंदा करने वाले 2018 के बहुचर्चित ‘सैंडपेपर गेट’ विवाद पर करीब आठ साल बाद एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने दावा किया है कि दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गेंद से छेड़छाड़ की योजना के बारे में केवल स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट ही नहीं, बल्कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को जानकारी थी। उनके मुताबिक, इस मामले में खिलाड़ी ही नहीं, सपोर्ट स्टाफ तक को सब पता था।
ख्वाजा ने यह दावा अपनी आने वाली आत्मकथा ‘Sabr’ में किया है। किताब के कुछ अंश और उनके इंटरव्यू 7 नवंबर 2026 को सामने आए हैं। उनके इस बयान ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की उस पुरानी जांच के निष्कर्षों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें गेंद से छेड़छाड़ की योजना की जानकारी केवल तीन खिलाड़ियों तक सीमित बताई गई थी।
ख्वाजा का दावा- बल्लेबाज, गेंदबाज और स्टाफ सभी को थी जानकारी
ख्वाजा ने एक मीडिया मैं दिए इंटरव्यू में कहा कि 2018 के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान जो कुछ हुआ, उसकी जानकारी पूरी टीम को थी। उन्होंने कहा, “यह हम सभी थे। सिर्फ बल्लेबाज नहीं, गेंदबाज नहीं, स्टाफ भी नहीं—हम सभी।”
ख्वाजा के मुताबिक, केपटाउन टेस्ट के बाद उन्होंने ड्रेसिंग रूम में टीम के सामने सामूहिक जिम्मेदारी लेने की बात रखी थी। उनका कहना था कि जब यह सब टीम के स्तर पर हुआ था तो इसकी जिम्मेदारी भी पूरी टीम को लेनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अंत में तीन खिलाड़ियों को ही पूरे विवाद का जिम्मेदार ठहराया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आठ साल बाद इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। ख्वाजा के अनुसार, इस प्रकरण का असर उन खिलाड़ियों पर भी पड़ा, जिन्हें इसके लिए सजा मिली थी।

पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट से शुरू हुई थी सैंडपेपर की चर्चा
ख्वाजा ने अपनी किताब में दावा किया है कि गेंद की स्थिति बदलने के लिए सैंडपेपर के इस्तेमाल पर चर्चा केपटाउन टेस्ट से पहले ही शुरू हो गई थी। यह चर्चा दक्षिण अफ्रीका के पोर्ट एलिजाबेथ (अब ग्केबेरहा) में खेले गए दूसरे टेस्ट के दौरान ड्रेसिंग रूम तक पहुंची थी।
उनके मुताबिक, सेंट जॉर्ज पार्क में हुई बातचीत के दौरान सैंडपेपर को गेंद की स्थिति बदलने के एक प्रभावी तरीके के रूप में देखा गया। ख्वाजा ने दावा किया कि उस चर्चा के समय तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ ने खुद को इससे अलग रखने का संकेत दिया था।
ख्वाजा का यह दावा विवाद को केवल केपटाउन टेस्ट में कैमरे पर पकड़ी गई घटना तक सीमित नहीं रहने देता, बल्कि इससे पहले की बातचीत और टीम के भीतर की परिस्थितियों को भी जांच और बहस के केंद्र में लाता है।
कैमरे में पकड़े गए थे बैनक्रॉफ्ट, स्मिथ-वॉर्नर पर भी गिरी थी गाज
यह विवाद मार्च 2018 में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट के दौरान सामने आया था। टेलीविजन कैमरों में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कैमरन बैनक्रॉफ्ट को सैंडपेपर से गेंद की सतह को खुरचने की कोशिश करते देखा गया था। इस घटना का उद्देश्य गेंद की स्थिति बदलकर रिवर्स स्विंग हासिल करना था।
मामला सामने आने के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने जांच कराई। तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, उपकप्तान डेविड वॉर्नर और बैनक्रॉफ्ट को दोषी मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
स्टीव स्मिथ: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से 12 महीने का प्रतिबंध लगाया गया तथा कप्तानी से हटाया गया।
डेविड वॉर्नर: 12 महीने का प्रतिबंध लगा और नेतृत्व से जुड़ी भूमिकाओं पर भी कार्रवाई हुई।
कैमरन बैनक्रॉफ्ट: नौ महीने का प्रतिबंध लगाया गया।

गेंदबाज पहले ही कर चुके हैं जानकारी होने से इनकार
ख्वाजा के बयान के बीच ऑस्ट्रेलिया के चार प्रमुख गेंदबाजों का पुराना पक्ष भी महत्वपूर्ण है। पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लायन ने 2021 में संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि उन्हें मैदान पर गेंद की स्थिति बदलने के लिए किसी बाहरी पदार्थ के इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। उनका कहना था कि उन्हें इस बारे में टेलीविजन स्क्रीन पर घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद पता चला।
इसलिए ख्वाजा के दावे और गेंदबाजों के पहले के बयान के बीच स्पष्ट विरोधाभास है। केवल ख्वाजा के बयान के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि टीम के प्रत्येक सदस्य को वास्तव में योजना की जानकारी थी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पुरानी जांच के निष्कर्षों पर कायम रहने की बात कही
ख्वाजा के खुलासे पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वह 2018 की अपनी जांच के निष्कर्षों को लेकर अब भी आश्वस्त है। बोर्ड के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में इस मामले पर काफी चर्चा और मीडिया रिपोर्टिंग हुई है। संबंधित नई जानकारी यदि सामने आती है तो उसे भी उचित तरीके से देखा जा सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच डैरेन लेहमैन ने भी ख्वाजा के दावे पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पूरी टीम को इस योजना की जानकारी थी और उन्होंने खुद भी इससे अनजान होने की बात कही।
माइकल वॉन ने भी कसा तंज
इस पुराने विवाद पर ख्वाजा के बयान के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि आठ साल बाद आखिरकार वह बात सामने आई, जिसे क्रिकेट जगत में कई लोग पहले से मानते थे। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि इतने समय बाद इस विवाद को दोबारा क्यों उठाया जा रहा है और अब सभी को आगे बढ़ना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने भी ख्वाजा के दावे को दिलचस्प बताया, खासकर उस हिस्से को जिसमें उन्होंने पूरी टीम की सामूहिक जिम्मेदारी लेने की बात कही थी।

‘Sabr’ में पुराने विवाद पर ख्वाजा ने क्यों खोली बात?
ख्वाजा ने बताया कि उन्होंने अपनी आत्मकथा में इस प्रकरण को जगह दी है क्योंकि उनके अनुसार इस घटना से जुड़े तीन खिलाड़ियों पर लंबे समय तक इसका बोझ रहा। उन्होंने इस अध्याय को स्मिथ, वॉर्नर और बैनक्रॉफ्ट को समर्पित किया है।
उनका मानना है कि सैंडपेपर विवाद के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपने रवैये पर गंभीरता से विचार करना पड़ा। उन्होंने टीम में जीत के लिए किसी भी हद तक जाने वाली मानसिकता को भी इस विवाद की पृष्ठभूमि से जोड़ा। ख्वाजा के मुताबिक, बाद के दौर में टीम ने अपने व्यवहार में विनम्रता और बदलाव लाने की कोशिश की।
फिलहाल ख्वाजा के दावों ने 2018 के सैंडपेपर विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। लेकिन उनकी बातों और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की पुरानी जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर बना हुआ है। ऐसे में इस मामले का नया सच सामने आने के लिए किताब में किए गए दावों, पुराने बयानों और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं को साथ रखकर देखना जरूरी होगा।
लेखक के बारे में
Anup Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनूप कुमार शर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और डिजिटल तकनीक एवं मीडिया के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बदलती मीडिया तकनीकों को समझने में उनकी गहरी दिलचस्पी है। डिजिटल मीडिया के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच वे नई तकनीकों, वेब प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन मीडिया टूल्स को सीखने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तकनीकी सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का बेहतर तालमेल उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। मीडिया और तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को वे भविष्य की पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को अधिक तेज, प्रभावी और पाठक-केंद्रित बनाने में उनकी विशेष रुचि है। Anup Sharma की सभी खबरें देखें →
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