215 यूथ कांग्रेस नेताओं पर गिरी निलंबन की गाज, नेहा बोरा को मंच पर जगह और प्रियंका गांधी की खामोशी ने बढ़ाए सवाल

नई दिल्ली। राहुल गांधी की दिल्ली रैली में शामिल नहीं होने पर यूथ कांग्रेस के 215 पदाधिकारियों के निलंबन का मामला अब संगठन के भीतर असंतोष और मंच पर नेतृत्व को मिली जगह को लेकर भी चर्चा में है। सवाल उठ रहे हैं कि वर्षों से संगठन में काम कर रहे युवा कांग्रेस नेताओं को अपेक्षित महत्व क्यों नहीं मिला, जबकि छात्र संगठन AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को रैली और कांग्रेस के अन्य कार्यक्रमों में प्रमुखता मिली। इसी बीच रैली में मौजूद प्रियंका गांधी वाड्रा के भाषण नहीं देने को लेकर भी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
नेहा बोरा को मंच पर जगह, यूथ कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने अपनी बात रखी। इससे पहले भी वह राहुल गांधी के साथ छात्र आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों में नजर आई थीं। कांग्रेस के मंचों पर उन्हें मिल रही प्रमुखता को लेकर यूथ कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों में नाराजगी सामने आई है।
मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के महासचिव रहे रोहित राजोरिया ने निलंबन के बाद इस मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा को आगे बढ़ाने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन संगठन के लिए लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी और सम्मान मिलना चाहिए। उनका सवाल था कि पुराने कार्यकर्ताओं की भूमिका को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है।

प्रियंका गांधी रैली में मौजूद, लेकिन नहीं किया संबोधन
रामलीला मैदान की रैली में प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने मंच से भाषण नहीं दिया। इस बात को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रियंका को बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
हालांकि, प्रियंका को जानबूझकर बोलने से रोके जाने का कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इसे भाजपा के आरोप और राजनीतिक सवाल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। इतना जरूर है कि उनकी मौजूदगी के बावजूद भाषण न देना चर्चा का विषय बना।
रैली में नहीं पहुंचने पर 215 पदाधिकारियों पर कार्रवाई
यूथ कांग्रेस ने 1 नवंबर की रैली में अनुपस्थित रहने के मामले में आठ राज्यों की इकाइयों के 215 पदाधिकारियों को निलंबित किया है। संगठन ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए 3 नवंबर को कार्रवाई की। निलंबन अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में 60, गुजरात में 49, झारखंड में 32, पश्चिम बंगाल में 26, तेलंगाना में 14, हिमाचल प्रदेश में 13, उत्तर प्रदेश सेंट्रल में 11 और हरियाणा में 10 पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।

पारिवारिक कारण बताने वाले नेताओं ने भी जताई नाराजगी
निलंबित नेताओं में रोहित राजोरिया ने दावा किया कि उनके चाचा के निधन के बाद तेरहवीं का कार्यक्रम होने के कारण वह दिल्ली नहीं पहुंच सके थे। उनका कहना है कि उन्होंने संगठन को पहले ही इसकी जानकारी दी थी, फिर भी उन्हें निलंबित कर दिया गया। कुछ अन्य पदाधिकारियों ने शादी और बीमारी जैसे कारणों का हवाला दिया है।
यूथ कांग्रेस नेतृत्व का पक्ष है कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के बावजूद बिना सूचना अनुपस्थित रहने वालों पर संगठनात्मक अनुशासन के तहत कार्रवाई की गई।
कांग्रेस के सामने संगठन और मंच की राजनीति का सवाल
एक तरफ यूथ कांग्रेस अपने पदाधिकारियों की गैरहाजिरी को अनुशासन का मामला बता रही है, वहीं दूसरी तरफ पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और नेहा बोरा को मिली प्रमुखता ने संगठन के भीतर प्रतिनिधित्व को लेकर बहस खड़ी कर दी है। प्रियंका गांधी के रैली में मौजूद रहने के बावजूद भाषण नहीं देने का मुद्दा भी इस राजनीतिक चर्चा में जुड़ गया है।
लेखक के बारे में
Anup Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनूप कुमार शर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और डिजिटल तकनीक एवं मीडिया के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बदलती मीडिया तकनीकों को समझने में उनकी गहरी दिलचस्पी है। डिजिटल मीडिया के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच वे नई तकनीकों, वेब प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन मीडिया टूल्स को सीखने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तकनीकी सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का बेहतर तालमेल उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। मीडिया और तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को वे भविष्य की पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को अधिक तेज, प्रभावी और पाठक-केंद्रित बनाने में उनकी विशेष रुचि है। Anup Sharma की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

यूपी की 403 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान, विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने बढ़ाई सियासी हलचल

छह दिसंबर को लखनऊ में बसपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, मायावती बोलीं- मैदान ही नहीं, पूरा शहर भर देंगे

लाल टोपी पर बसपा का पोस्टर वार, लखनऊ में ‘दोगलों से सावधान’ संदेश से गरमाई यूपी की सियासत

'वोट चोरी' को लेकर यूपी में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, 20 नवंबर के बाद सड़कों पर उतरेगी पार्टी
टॉप रीड्स

यूपी चुनाव 2027 : यूपी में बीजेपी के 120 विधायकों के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सीट पर भी खतरे के संकेत

सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में 1.30 करोड़ से होगा अंबेडकर व रविदास मंदिरों का सुंदरीकरण

किसानों और महिलाओं के लिए जल्द आएगा विशेष पैकेज, तीन करोड़ किसान परिवारों को मिलेगी राहत: योगी

2027 के चुनाव में अखिलेश नहीं आजमाएंगे विधानसभा की किस्मत, वाराणसी में किया बड़ा ऐलान

स्वामी प्रसाद मौर्य विवाद की आंच लखनऊ तक पहुंची, अखिलेश के खिलाफ ‘बॉयकॉट’ पोस्टर से गरमाई यूपी की सियासत

तेहरान की सड़कों पर ट्रंप के खिलाफ खुली धमकी, होर्डिंग में नेतन्याहू भी निशाने पर; ईरान में बढ़ा अमेरिका-विरोधी प्रदर्शन

काशी से प्रयागराज तक भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ रवाना हुए मंत्री दयाशंकर मिश्र




Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).