जमानत के बाद भी जेल से नहीं छूटेंगे आजम खान, ED केस पर सोमवार को सुनवाई; रिहाई में फंसा पेंच

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद फिलहाल जेल से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। आजम खान की रिहाई के रास्ते में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार का मामला बाधा बन गया है। इस मामले में पुलिस ने रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में रिमांड के लिए आवेदन दाखिल किया है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
हाईकोर्ट से मिली जमानत, लेकिन रिहाई अटकी
गुरुवार को न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को जमानत दे दी। हालांकि, अदालत ने दोनों की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। दोनों को आधी जुर्माना राशि तत्काल जमा करने की शर्त पर जमानत दी गई है।
ED के मामले में पुलिस ने मांगा रिमांड
दरअसल, 13 अक्टूबर को ईडी ने आजम खान, उनके जौहर ट्रस्ट समेत पांच लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय निर्माण में सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले की विवेचना कर रहे टांडा के सीओ पंकज पंत ने गुरुवार को रामपुर की विशेष अदालत में आजम खान के खिलाफ रिमांड वारंट जारी करने का अनुरोध किया है।
अब सोमवार को अदालत में इस आवेदन पर सुनवाई होगी। यदि अदालत रिमांड मंजूर करती है तो इस मामले में भी आजम खान को जमानत लेनी होगी। इसके बाद ही उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो सकेगा।
दोषसिद्धि पर रोक नहीं, चुनाव लड़ने की राह भी मुश्किल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत तो दे दी, लेकिन आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने आपराधिक मामलों की पृष्ठभूमि और मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए दोषसिद्धि पर स्टे देने का आधार नहीं माना।
हाईकोर्ट ने पुनरीक्षण याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के लिए जनवरी 2027 के तीसरे सप्ताह की तारीख निर्धारित की है। ऐसे में जमानत मिलने के बावजूद आजम खान की कानूनी मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं।
लेखक के बारे में
Syed Fiza Khatoon
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