दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला को हाईकोर्ट से राहत

प्रयागराज/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने गुरुवार को दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर ली। हालांकि, कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की।
न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक, सजा निलंबित करने और जमानत देने की मांग की थी।
दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार
हाईकोर्ट के आदेश में सजा निलंबित करने और जमानत देने की राहत दी गई है, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई गई। इसका अर्थ है कि निचली अदालत का दोषी ठहराने वाला फैसला फिलहाल बरकरार है। इसलिए इस आदेश को मामले में पूरी तरह बरी होना नहीं माना जा सकता।
जमानत मिलने के बावजूद दोनों की जेल से रिहाई अन्य लंबित मामलों और लागू कानूनी प्रक्रियाओं पर भी निर्भर करेगी।
क्या है दो पैन कार्ड का मामला?
यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के पास कथित तौर पर दो अलग-अलग जन्मतिथियों वाले पैन कार्ड होने और उनके इस्तेमाल से जुड़े आरोपों से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कुछ आधिकारिक दस्तावेजों और चुनावी नामांकन से संबंधित प्रक्रिया में किया गया था।
इस मामले में वर्ष 2019 में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत के बाद मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचा। आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने निचली अदालतों के फैसलों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।
राजनीतिक भविष्य पर भी बना रहेगा असर
आजम खान और उनके बेटे को जमानत मिलने से इस मामले में राहत जरूर मिली है, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने के कारण उनकी चुनावी पात्रता से जुड़े सवाल फिलहाल बने हुए हैं। केवल सजा निलंबित होने से दोषसिद्धि के आधार पर लागू अयोग्यता अपने आप समाप्त नहीं होती।
लेखक के बारे में
Syed Fiza Khatoon
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