दीपावली पर घर लौटे लोगों को मिलेगा सुरक्षा कवच, यूपी में फाइलेरिया रोधी अभियान शुरू

लखनऊ। दीपावली और छठ पर्व पर दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश अपने घर लौटने वाले प्रवासियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 5 नवंबर से 15 नवंबर तक प्रदेश में चलाया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगी, जिन्हें अब तक फाइलेरिया रोधी दवा नहीं मिली है या जिन्होंने पहले दवा खाने से इनकार कर दिया था।
स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य अभियान के दौरान अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचकर उन्हें दवा का सेवन कराना है। खासतौर पर उन प्रवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो रोजगार के सिलसिले में दूसरे राज्यों में रहते हैं और सामान्य दिनों में घर पर उपलब्ध नहीं हो पाते। त्योहारों पर उनके घर लौटने के कारण स्वास्थ्य विभाग को उन्हें दवा खिलाने का अवसर मिलेगा।
घर-घर जाकर अपने सामने खिलाएंगे दवा
राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. एके चौधरी के अनुसार, प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को निर्धारित दवा का सेवन करना जरूरी है। इस बार उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिन्होंने अब तक कभी फाइलेरिया रोधी दवा नहीं खाई है। स्वास्थ्यकर्मी चिह्नित लोगों के घर पहुंचकर उन्हें अपने सामने दवा खिलाएंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अभियान से छूटने न पाए।
16 जिलों के 53 ब्लॉक में चलेगा एमडीए अभियान
विशेष अभियान के बाद प्रदेश के 16 जिलों के 53 ब्लॉक में 19 नवंबर से 7 दिसंबर तक सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें कानपुर नगर, उन्नाव, कानपुर देहात, चित्रकूट, सीतापुर, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, प्रयागराज, गोंडा, हरदोई, कन्नौज, बलिया, फर्रुखाबाद, फतेहपुर और कौशांबी शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान में प्रत्येक ब्लॉक में 90 प्रतिशत से अधिक पात्र लोगों को स्वास्थ्यकर्मियों के सामने दवा खिलाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तैयारियां की गई हैं।
फाइलेरिया क्या है और दवा क्यों जरूरी?
फाइलेरिया को आम भाषा में हाथीपांव कहा जाता है। यह संक्रमित मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इसके परजीवी शरीर में लंबे समय तक रह सकते हैं और लसिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे हाथ-पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में असामान्य सूजन हो सकती है।
लेखक के बारे में
Syed Fiza Khatoon
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