फर्रुखाबाद में बाढ़ का स्थायी समाधान तलाशेगी योगी सरकार, गंगा की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन पर जोर

फर्रुखाबाद/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और सदर, कायमगंज तथा अमृतपुर तहसीलों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें राहत सामग्री वितरित की और अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों के 102 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदना प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जिन गांवों में पानी घरों में प्रवेश कर गया है, वहां प्रभावित लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री और आवास की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट, आपदा मोचक निधि से राहत राशि तथा आश्रयहीन और बाढ़ में घर या भूमि गंवा चुके परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के घर तक करीब 50 किलोग्राम की राहत सामग्री किट पहुंचाई जा रही है। इसमें चावल, आटा, आलू, अरहर की दाल, चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट समेत लगभग 50 प्रकार की सामग्री शामिल है।
जिन जरूरतमंद लोगों ने बाढ़ में अपना घर गंवाया है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जा रही है।
गंगा की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन से स्थायी समाधान की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि गंगा के उथले होने के कारण पानी का फैलाव बढ़ता है, जिससे आसपास के गांवों और किसानों की फसलों को नुकसान होता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्रेजिंग की योजना अभी से तैयार की जाए और कार्य को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी की जाए। ड्रेजिंग से निकलने वाली मिट्टी का उपयोग तटबंध निर्माण में करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। यदि इस परियोजना के लिए किसानों की भूमि की आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गंगा को चैनलाइज करने से आसपास के गांवों को बाढ़ से बचाने, फसलों की सुरक्षा करने और क्षेत्र को बार-बार आने वाली बाढ़ से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।

पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी मरम्मत
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर पहले से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जैसे ही बाढ़ का पानी उतरता है, पीडब्ल्यूडी के माध्यम से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों का आवागमन बाधित न हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए राहत शिविरों और गांवों में शिक्षकों के माध्यम से अलग से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य और पशुधन की सुरक्षा पर भी फोकस
बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चिकित्सालयों में एंटी-वेनम, एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन समेत आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है। सीएचसी और जिला अस्पतालों में बाढ़ पीड़ितों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशुधन की सुरक्षा के लिए चारा, वैक्सीन और दवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।
किसानों की फसल क्षति का होगा सर्वे, DBT से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद पात्र किसानों के खातों में DBT के माध्यम से राहत राशि सीधे भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद के आलू किसानों का भी उल्लेख किया और कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैल्यू एडिशन और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे से जुड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद में विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे का लिंक एक्सप्रेस-वे फर्रुखाबाद को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। इसके अलावा सड़कों के चौड़ीकरण, पुलों के निर्माण और गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए भी सरकार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य फर्रुखाबाद को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से राहत दिलाने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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