ईसीएलजीएस 5.0 से कारोबार को मिलेगा बड़ा सहारा

नई दिल्ली। वैश्विक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच कारोबारों को वित्तीय मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार ने इस योजना के जरिए बाहरी आर्थिक झटकों से प्रभावित व्यवसायों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने और उनकी कारोबारी निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया है।
5 मई 2026 को मंजूर की गई ईसीएलजीएस 5.0 को नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) द्वारा लागू किया जा रहा है। योजना के तहत पात्र ऋणदाताओं को सरकार समर्थित क्रेडिट गारंटी दी जाती है, जिससे वे कम जोखिम के साथ पात्र कारोबारियों को अतिरिक्त ऋण उपलब्ध करा सकें। योजना का लक्ष्य 2.55 लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त ऋण प्रवाह को सुगम बनाना है।
एमएसएमई और कारोबारियों को राहत
ईसीएलजीएस 5.0 का दायरा एमएसएमई, पात्र गैर-एमएसएमई व्यावसायिक उधारकर्ताओं और अनुसूचित यात्री एयरलाइंस तक बढ़ाया गया है। योजना के तहत पात्र एमएसएमई को दिए गए अतिरिक्त ऋण पर 100 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी, जबकि पात्र गैर-एमएसएमई के लिए 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज उपलब्ध है।
पात्र एमएसएमई को किसी तरह का गारंटी शुल्क नहीं देना होगा। योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान सर्वाधिक फंड-आधारित कार्यशील पूंजी बकाया के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। इसकी अधिकतम सीमा प्रति उधारकर्ता 100 करोड़ रुपये है।

31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी योजना
ईसीएलजीएस 5.0 31 मार्च 2027 तक या 2.55 लाख करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। इसके तहत ऋण सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, वित्तीय संस्थानों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और पात्र एनबीएफसी समेत सदस्य ऋणदाता संस्थानों के माध्यम से दी जाएगी।
योजना के तहत पात्र उधारकर्ताओं के पास 31 मार्च 2026 तक मौजूदा कार्यशील पूंजी सुविधाएं होनी चाहिए और उनके ऋण खाते में 60 दिनों से अधिक का बकाया नहीं होना चाहिए।
ब्याज दर और ऋण अवधि भी निर्धारित
एमएसएमई के लिए ऋण की ब्याज दर ईबीएलआर से जुड़ी होगी, जबकि पात्र गैर-एमएसएमई के लिए एमसीएलआर आधारित दर लागू होगी। ऋणदाता बेंचमार्क से अधिकतम 0.75 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क ले सकते हैं, हालांकि कुल ब्याज दर 9 प्रतिशत सालाना की सीमा के अधीन होगी। पात्र एनबीएफसी द्वारा दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर 13 प्रतिशत सालाना से अधिक नहीं होगी।
ऋण की अवधि पहले वितरण की तारीख से पांच वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।
एयरलाइंस को भी मिलेगा विशेष सहयोग
योजना में अनुसूचित यात्री एयरलाइन कंपनियों को भी शामिल किया गया है। पात्र एयरलाइंस को अतिरिक्त ऋण पर 90 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी उपलब्ध होगी। निर्धारित शर्तों के तहत प्रति उधारकर्ता अधिकतम 1,500 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त ऋण दिया जा सकता है।
इस ऋण की अवधि पहले वितरण की तारीख से सात वर्ष होगी, जिसमें दो वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।
पिछली ईसीएलजीएस योजनाओं से मिली सीख
ईसीएलजीएस की शुरुआत वर्ष 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कोविड-19 महामारी से प्रभावित कारोबारों को राहत देने के लिए हुई थी। इसके बाद ईसीएलजीएस 1.0 से 4.0 तक अलग-अलग चरणों में योजना का विस्तार किया गया और एमएसएमई के साथ विभिन्न संकटग्रस्त क्षेत्रों, स्वास्थ्य सेवा, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन जैसे क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया।
31 मार्च 2023 तक समाप्त हुए इन चरणों के तहत कुल 3.68 लाख करोड़ रुपये की 1.19 करोड़ गारंटियां जारी की गई थीं।
6.73 लाख से अधिक गारंटियां जारी
ईसीएलजीएस 5.0 के तहत भी तेजी से प्रगति दर्ज की गई है। 20 अगस्त 2026 तक 6,73,979 गारंटियां जारी की जा चुकी थीं और गारंटीशुदा राशि 2,50,024 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
कुल गारंटियों की संख्या में एमएसएमई की हिस्सेदारी 97.3 प्रतिशत, जबकि कुल गारंटीशुदा राशि में एमएसएमई की हिस्सेदारी 80.79 प्रतिशत रही।
जन समर्थ पोर्टल से डिजिटल पहुंच
पात्र उधारकर्ता जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से योजना से जुड़ी जानकारी और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। सरकार ने योजना की जानकारी अधिक से अधिक कारोबारियों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न राज्यों और स्थानों पर आउटरीच अभियान भी शुरू किए हैं।
ईसीएलजीएस 5.0 का उद्देश्य केवल तत्काल ऋण उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि बाहरी आर्थिक दबावों के बीच व्यवसायों की तरलता बनाए रखना, रोजगार की सुरक्षा करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखना भी है। सरकार के अनुसार, इस तरह की लक्षित क्रेडिट सहायता से कारोबारों की वित्तीय क्षमता और आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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