बलिया में 4.97 करोड़ से बनेगा वीर लोरिक का भव्य सभागार, नई पीढ़ी तक पहुंचेगी लोकनायक की वीरगाथा

350 दर्शक क्षमता वाले आधुनिक सभागार में HD प्रोजेक्शन, इंटेलिजेंट LED लाइटिंग और अत्याधुनिक साउंड सिस्टम की होगी सुविधा
बलिया। लोकनायक वीर लोरिक की वीरगाथाओं और उनकी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बलिया के हसनपुरा, पोस्ट बिसौली, तहसील बांसडीह में 4.97 करोड़ रुपये की लागत से भव्य सभागार और पुस्तकालय का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना के लिए 1.36 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी हो चुकी है और सभागार के फाउंडेशन का कार्य शुरू हो गया है।
करीब 350 दर्शकों की क्षमता वाले इस आधुनिक सभागार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां बेहतर साउंड सिस्टम, HD सिनेमैटिक प्रोजेक्शन, इंटेलिजेंट LED स्टेज लाइटिंग, मोटराइज्ड कर्टन और आधुनिक मंच व्यवस्था विकसित की जाएगी। सभागार को फायर-प्रूफ बनाने के साथ एकॉस्टिकल और इंटीरियर का विशेष कार्य भी कराया जाएगा।
वीर लोरिक की गाथा होगी संरक्षित
भोजपुरी लोक महाकाव्य ‘लोरिकायन’ के प्रमुख नायक माने जाने वाले वीर लोरिक का संबंध बलिया के सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के गौरा गांव से बताया जाता है। लोककथाओं में वीर लोरिक को साहस, शौर्य और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने वाले योद्धा के रूप में याद किया जाता है।

वीर लोरिक से जुड़ी प्रसिद्ध लोकगाथाओं में मारकुंडी घाटी का ‘वीर लोरिक पत्थर’ भी शामिल है। लोकमान्यता के अनुसार, मंजरी के कहने पर वीर लोरिक ने अपनी तलवार के एक वार से विशाल पत्थर को दो हिस्सों में काट दिया था। यह पत्थर आज भी वीरता और प्रेम की लोककथा का प्रतीक माना जाता है।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया महत्वपूर्ण कदम
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि वीर लोरिक की वीरता और उनकी लोकगाथाएं उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हसनपुरा में सभागार और पुस्तकालय का निर्माण वीर लोरिक के जीवन, शौर्य और लोकगाथाओं को संरक्षित करने तथा उन्हें व्यापक स्तर पर नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस परियोजना के जरिए बलिया की लोकसंस्कृति, स्थानीय कलाकारों और वीर लोरिक की ऐतिहासिक-लोकगाथा को एक आधुनिक मंच मिलने की उम्मीद है।
लेखक के बारे में
शैलेन्द्र कुमार सिंह
पिछले करीब आठ वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। फोटो जर्नलिस्ट के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले शैलेन्द्र ने स्टेट मीडिया, दैनिक भास्कर सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म और अपने डिजिटल पोर्टल ‘शब्द भेदी’ के माध्यम से पत्रकारिता को आगे बढ़ाया। जमीनी मुद्दों, स्थानीय खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता की खास पहचान है। अनुभव, संघर्ष और निरंतर सीखने के साथ उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। शैलेन्द्र कुमार सिंह की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

रसड़ा चीनी मिल के लिए 5 अक्टूबर को किसान पंचायत, गांव-गांव जुटाए जा रहे किसान

करंट से मौत के बाद भी नहीं मिला मुआवजा, डीएम ने पूर्व और वर्तमान लेखपाल पर कार्रवाई के दिए निर्देश

बांसडीह में बाढ़ राहत मुआवजा वितरण में गड़बड़ी, लेखपाल विपिन सिंह सस्पेंड

15.55 लाख रुपये की अनियमितता पर प्रशासक की कुर्सी गई हल्दीरामपुर की कमान अब एडीओ पंचायत के हाथ, अधूरे विकास कार्यों को पूरा होने में तेजी की उम्मीद
टॉप रीड्स

कैंट के दो वार्डों में बदलेगी सूरत, ₹225 करोड़ से सीवर, पेयजल और सड़क परियोजनाओं को मिली रफ्ता

मां-बेटी की हत्या का खुलासा, सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए रची गई साजिश; पति समेत तीन गिरफ्तार

22 सितंबर के बाद यूपी में थमेगा मानसून
जनसंख्या से आगे समाज की बदलती कहानी - विमर्श

स्टेशनों पर स्वच्छता का संदेश, गया और डेहरी ऑन सोन में बच्चों ने रंगों से सजाया स्वच्छता का संकल्प

स्टेशनों से शेड तक चला सफाई अभियान, डीडीयू मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पर जोर

कैनवास पर उतरे बच्चों के सपने, ऑन स्पॉट ड्राइंग में 300 से ज्यादा नन्हे कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा



Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).